
बिजली मीटर रीडरों को बना दिया बीएलओ
एटा, । विद्युत निगम में मीटर रीडर का काम करने वालों को बीएलओ बना दिया गया। यह अब वोट घटाने-बढ़ाने का काम करेंगे। अचानक ही मीटर रीडरों के पास पहुंचे इस आदेश को देख वह दंग रह गए है। वह अब परेशान हैं कि बीएलओ का काम कैसे कर पाएंगे।
बिजली निगम में मीटरों की रीडिंग लेने और बिल निकालने के लिए टेरा साफ्टवेयर कंपनी को निगम की ओर से ठेका दिया हुआ है। इस कंपनी की ओर से काम करने के लिए अपने कर्मचारियों को तैनात किया हुआ है। यह जो कर्मचारी है। यह अब मीटर रीडर के साथ बीएलओ का भी काम करेंगे। तहसील सदर के तहसीलदार की ओर से आदेश जारी किया गया है कि वह अब बीएलओ के पद पर नियुक्त किए गए है। अचानक ही उनके पास बीएलओ बनाए जाने का आदेश मिल गया। आदेश की प्रति देख वह दंग रह गए है। मीटर रीडरों के मन में डर है कि वह यह काम कैसे कर पाएंगे। बीएलओ का काम काफी बड़ा और जिम्मेदारी का होता है। अब तक शिक्षक, लेखपाल आदि इस काम को कर रहे थे तो गलतियां आ रही थी। मीटर रीडरों की शैक्षिक योग्यता भी अधिक नहीं होती है।
अधिकारियों की ओर से मीटर रीडरों की सूची मांगी थी। अब बीएलओ बनाने का पत्र मिला है। इसके बारे में विद्युत निगम के अधिकारियों को बताएंगे। मीटर रीडरों की शैक्षिक योग्यता अधिक नहीं होती। अपनी कंपनी के अधिकारियों को भी यह जानकारी देंगे।
सोनू शर्मा, सर्किल इंचार्ज, टेरा साफ्टवेयर
शासन की ओर से निर्देश मिले है कि जो भी व्यक्ति ट्रेजरी से पैसा ले रहा है वह बीएलओ बनाया जा सकता है। इसी नियम के तहत इन्हें बीएलओ बनाया है।
सीपी सिंह, तहसीलदार
प्रशासन की ओर से मीटर रीडरों की सूची मांगी गई थी। हमने वह दे दी थी। प्रशासन की ओर से मीटर रीडरों को बीएलओ बना दिया है। हमने इसमें आपत्ति दर्ज कराई है। अगर कोई कार्य खराब होता है तो विद्युत निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं है। यह लोग निजी संस्था से जुडे हुए है। इनका निगम से कोई लेना-देना नहीं है।
जीसीएल भटनागर
एक्सईएन बिजली शहरी क्षेत्र