पर्यावरण संरक्षण में वृक्ष और वृक्षारोपण की अहम भूमिका –ज्ञानेन्द्र रावत

पर्यावरण संरक्षण में वृक्ष और वृक्षारोपण की अहम भूमिका –ज्ञानेन्द्र रावत
एटा,यह प्रसन्नता का विषय है कि आज उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 30 करोड़ पौधे लगाने का अभियान चलाया।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार का यह सबसे महत्वपूर्ण और अति आवश्यक अभियान है।इसकी जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है।क्योंकि सरकार का यह प्रयास सराहनीय ही नहीं स्तुतियोग्य है। साथ में यह भी कि अपनी जमीन पर 300 पेड़ लगाने वाले को तीन साल बाद 58 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इसके लिए योजनाकार बधाई के पात्र हैं। यह विचार पर्यावरणविद एवं राष्ट्रीय पर्यावरण सुरक्षा समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र रावत ने आज अपने होली मोहल्ला स्थित आवास पर बातचीत के दौरान व्यक्त किये।
यहां सबसे चिंतनीय सवाल यह है कि इन पौधों की रक्षा और इनके उत्तरोत्तर विकास के दायित्व का भार किनके कंधे पर होगा। पहली बात तो यह कि पौधे की ऊंचाई कम से कम चार से पांच फीट होनी चाहिए और दूसरी खुले में जहां-जहां पौधारोपण किया जाये,वहां पौधे के बचाव हेतु ट्री गार्ड लगाये जायें। तीसरा उसके रख रखाव की जिम्मेदारी लगाये गये पौधे के आसपास के व्यक्ति या नौजवान या फिर छात्र-छात्राओं को दी जाये और जीवन तथा पर्यावरण में वृक्षों के महत्व की जानकारी दी जाये।इसके साथ क्षेत्रीय प्राधिकारी,जन प्रतिनिधि, ग्राम्य विकास विभाग से जुडे़ व्यक्ति को इनके निरीक्षण का दायित्व सौंपा जाये। तभी हम वृक्षारोपण अभियान की सार्थकता की आशा कर सकते हैं। पौधे बांटने से ही लक्ष्य की सफलता की आशा बेमानी है। लाख दावों के बीच दिनोंदिन घटता हरित संपदा का क्षेत्र इसका जीवंत प्रमाण है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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