
तीन दिन से कर रहे थे परेशान, पुलिस ने पीड़ित परिवार को ही फटकारा
एटा, । थाना जैथरा के गांव पिपहैरा निवासी मयंक (6) की हत्या के मामले में परिजनों का कहना है कि वैसे तो यह अपराधी कई दिनों से परेशान करते थे। तीन दिन से तो हद ही हो गई थी।
पुलिस कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए थे। पीड़ित की सूचना पर पुलिस मौके पर तो पहुंची थी, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई के बजाए पीड़ित परिवार को ही फटकार कर चली गई थी।
पोस्टमार्टम गृह पहुंचे घरवालों ने बताया कि आरोपी बबलू आए दिन छत पर अश्लील हरकतें करता था। विरोध पर पत्थर मारता था। इसकी शिकायत करने वह धुमरी पुलिस चौकी गए थे। वहां से कह दिया कि अगले दिन गांव में आएंगे। इसके साथ ही डायल-112 को कॉल कर बुलाया। उन्होंने भी कार्रवाई करने के बजाए फटकार लगा दी। पीड़ित से कह दिया कि तुम ही उल्टा पुलिस को परेशान कर रहे हो। अगली बार अश्लील हरकतें करे तो उसकी वीडियो बना लेना। बुधवार को मृतक की बुआ ने वीडियो बना ली थी। इसे लेकर ही इतना बड़ा बवाल हो गया। घरवालों का आरोप है कि आरोपी मोबाइल भी छीन ले गए हैं। सबसे पहले आरोपियों ने मोबाइल ही छीना था।
यह है रंजिश का कारण मृतक मयंक के पिता रिंकू और उनके दो भाई दिल्ली में कबाड़े का काम करते हैं। रिंकू का भाई सुर्वेंद्र उर्फ संजू वर्तमान में जेल में निरुद्ध है। यह भी दिल्ली में ही कबाड़ का काम करते थे। चर्चा है कि दिल्ली में कबाड़ का सामान खरीदने को लेकर विवाद हो गया था। इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को दी थी। इसके बाद 19 सितंबर को दिल्ली से आए ओमवीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें संजू सहित चार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रिपोर्ट भाई रामबृज उर्फ टेपू ने कराई थी। हत्या के बाद से रंजिश शुरू हो गई थी। घटना के बाद से दहशत में कोई भी पुरुष घर में नहीं रहता था।
परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस हत्या के मामले की गहराई से जांच कर रही है। जो भी दोषी है उन्हें जेल भेजा जाएगा।
राजेश कुमार सिंह, एसएसपी एटा
अपराधियों का खौफ,9 माह से कोई पुरुष नहीं आया घर
नौ माह पहले उपजी रंजिश के बाद अपराधी घटना करने के फिराक में थे। अपराधियों का खौफ ऐसा था कि नौ माह से कोई भी पुरुष घर पर नहीं आ रहा था। इतना ही नहीं मासूम के बड़े भाई को भी बुआ के घर पर रहने के लिए भेज दिया था। नौ माह पहले ओमवीर की हत्या हुई थी। उसके बाद से दोनों परिवार में रंजिश हो गई थी। आपस में ही घर-परिवार के सदस्य हैं (दोनों परिवार के दादा सगे भाई थे)। ओमवीर की हत्या के बाद मृतक मासूम मयंक के पिता व चाचा दिल्ली से नौ माह में एक बार भी गांव नहीं आए थे। एक चाचा पहले से जेल में बंद है। मां प्रियंका के अलावा, इनकी सास रामा देवी, ननद सुलेखा रहती है। बड़ी ननद पुष्पा को भी गांव में बुला लिया था। मृतक के बड़े भई अरविल को बुआ के घर पथरौआ कुरावली जनपद मैनपुरी भेज दिया था। वह भी नौ माह से घर पर नहीं आया था।
बुआ पहले से भांप गई थी
पोस्टमार्टम गृह पहुंची मासूम की बुआ पुष्पा देवी ने बताया कि वह भी मायके में ही रह रही है। घटना को लेकर उन्हें आभास हो गया था कि आरोपी घटना कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने मृतक के मामा जो एटा में रहते हैं उनके पास फोन किया था कि आरोपी परेशान कर रहे हैं। छत पर खड़े होकर गाली-गलौज कर रहे हैं। मामा ने कह दिया था वह उनसे न बोले। पुलिस को सूचना दे देंगे।