
एमसीएच विंग प्रसव केंद्र में जगह न होने से जमीन पर पड़ी रही
10 घंटे तक प्रसव पीड़ा से कराहती रही गर्भवती
एटा, । वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में स्टाफ, चिकित्सकों की लापरवाही सामने आई। गुरुवार को सुबह पांच बजे एमसीएच विंग में प्रसव कराने आई बसुंधरा की गर्भवती महिला दस घंटे तक जमीन पर पड़ी कराहती रही। दोपहर में गर्भवती महिला को वार्ड में भर्ती किया गया। वहां भी बेड के ऊपर पंखा खराब होने से वह गर्मी से परेशान रही।
बसुंधरा निवासी मीरजहां ने बताया कि वह अपनी पुत्रवधू निशा को प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कालेज की एमसीएच विंग स्थित प्रसव केन्द्र पर गुरुवार सुबह पांच बजे लेकर पहुंची। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने उसका परीक्षण कर कह दिया, अभी प्रसव का समय नहीं है। प्रसव होने में समय लगेगा। उसके बाद गर्भवती निशा को प्रसव केन्द्र स्टाफ ने वार्ड में भर्ती करना भी उचित नहीं समझा। निशा की सास मीरजहां एवं अन्रू उसको लेकर एमसीएच विंग में लेकर पहुंची जहां पर प्रसूता पीड़ा होने पर जमीन पर ही लेट गई। उसके बाद से वह दोपहर दो बजे तक जमीन पर लेटी महिला प्रसव पीड़ा से कराहती रही।
प्रसव केन्द्र के चिकित्सक से लेकर स्टाफ वहां से होकर गुजरते रहे। किसी ने निशा को वार्ड में भर्ती नहीं कराया। दोपहर दो बजे महिला को जमीन पर पड़े हुए देख लोग जमा हो गए। इसके बाद प्रसव केन्द्र स्टाफ उसके पास पहुंचा। तब जाकर उस महिला को वार्ड में लगा गया। जहां पर एक बेड पर दो गर्भवती महिलाओं को लिटा दिया। वार्ड में भी पंखा खराब होने पर गर्भवती महिला गर्मी से परेशान देखी गई। वहीं कालेज प्रशासन ने मामला संज्ञान में न होने की बात कहकर मामले को टालने की कोशिश की। इस बारे में मेडिकल कालेज के मीडिया प्रभारी डा. विवेक पाराशर ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। इस बारे में जानकारी करायी जाएगी।