
18 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी सम्मान
लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ में राजभवन के गांधी भवन सभागार में आयोजित रंगारंग समारोह में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए चयनित 18 कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मध्य प्रदेश की संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर और उत्तर प्रदेश के संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी के लिए एक करार पर हस्ताक्षर भी किए गए। करार पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति मुकेश मेश्राम और मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति व पर्यटन शेखर शुक्ल ने हस्ताक्षर किए।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेन ने कहा कि उप्र संगीत नाटक अकादमी द्वारा संगीत और नृत्य कलाओं की विविध परम्पराओं का संवर्द्धन सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच हुआ करार दोनों प्रदेशों की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत और सृदृढ़ करेगा। संस्कृति और कला के विस्तार पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ राज्य के भीतर और समीपवर्ती राज्यों तक यथासम्भव बच्चों के साथ पर्यटन करना चाहिए, जिससे बच्चे देश की सांस्कृतिक विविधता और कलात्मकता को आत्मसात कर सकें।
उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मध्य सांस्कृतिक साझेदारी के लिए हुए करार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों प्रदेशों की संस्कृतियों में आपस में काफी जुड़ाव है। मध्य प्रदेश की संस्कृति पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अभिनव पहल एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत आज उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मध्य हुई सांस्कृतिक साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि एक साथ मिलकर कार्य करने से कई विकल्प खुलेंगे। समारोह में दोनों राज्यों के कलाकारों ने मनोहारी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में कथक के लिए विशाल कृष्णा को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी सम्मान दिया।
डॉ.चन्द्रप्रकाश द्विवेदी समेत इन्हें मिला सम्मान
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा इस वर्ष जिन 18 कलाकारों को पुरस्कार के लिए सम्मानित किया गया, उनमें डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय-कथक नृत्य, उस्ताद युगांतर सिंदूर-उपशास्त्रत्त्ीय एवं सुगम गायन, कुंवरजी अग्रवाल-रंगमंच समीक्षा, उर्मिला श्रीवास्तव-लोक गायन, डॉ. चन्द्रप्रकाश द्विवेदी-नाट्य निर्देशन, विपुल कृष्णा नागर-नाट्य निर्देशन, महन्त प्रो. विश्म्भरनाथ मिश्र-संगीत कला उन्नयन, महाराज डॉ. अनंत नारायण सिंह-संगीत कला उन्नयन, डॉ. बृजेश्वर सिंह-नाटक कला उन्नयन, डॉ. शरदमणि त्रिपाठी-शास्त्रत्त्ीय गायन, डॉ. ब्रह्मपाल नागर-रागिनी लोकगायन, पं. रामेश्वर प्रसाद मिश्र-शास्त्रत्त्ीय गायन, विशाल कृष्णा-कथक नृत्य, भूरा यादव(राकेश)-राई लोकनृत्य, अनिल मिश्रा ‘गुरू जी‘-नाट्य निर्देशन, अष्टभुजा मिश्र-नौटंकी अभिनय एवं निर्देशन, पं. विनोद लेले-तबला वादन एवं फतेह अली खां को शहनाई वादन शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के बीच सांस्कृतिक साझेदारी पर करार