*डग्गामार बसें रोडवेज को लगा रहीं लाखों का चूना, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। रोडवेज बस स्टैंड पर कई दर्जन डग्गामार बसें खुलेआम खड़ी होकर सवारियों को बैठा रही है। इसके चलते एटा डिपो को प्रतिदिन तीन लाख रुपये तक का उठाना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग से कॉन्ट्रेक्ट केरिज का परमिट मिला होने के बाद भी 50 से 55 डग्गामार बसें पूरे रौब और रुतबे के साथ प्रतिदिन रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी हो रही है। वहीं आगरा, फर्रूखाबाद और कासगंज रूट की सवारियों को बैठाकर धड़ल्ले से मार्गों पर दौड़ रही है। इन सभी बसों के कारण एटा डिपो को प्रतिदिन तीन लाख रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। डग्गामार बस संचालक सवारियों से मनमाना किराया वसूल कर रहे है। डग्गामार बसों के संचालक बस स्टैंड के बाहर मार्ग के बीचों बीच बसों को खड़ाकर सवारियों को बैठा रहे है। ट्रेफिक पुलिस कर्मियों के सामने सरेआम डग्गार बसें खड़ी होने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तीन लाख का रोजाना हो रहा नुकसान एटा। रविवार को एटा डिपो एआरएम राजेश यादव ने बताया कि दिल्ली, आगरा, फर्रूखाबाद, कासगंज, बदायूं रूट पर प्रतिदिन 55 से अधिक डग्गामार बसें दौड़ रही है। यह सभी बसें रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को बैठाकर रूटों पर दौड़ रही है। उन्होंने बताया कि सभी डग्गामार बसों के कारण एटा डिपो की आय में प्रतिदिन तीन लाख तक की कमी बनी हुई है। एआरएम ने बताया कि डग्गामार बसों के संचालक आए दिन रोडवेज बसों के चालक, परिचालकों के साथ मारपीट करते रहते है। परिवहन विभाग के अधिकारियों को समस्या के बारे में अनेकों बार बताया गया है। फिर भी डग्गामार बसों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।