मिलावटखोर लगातार खाद्य पदार्थों में मिलावट कर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं

*मिलावटखोर लगातार खाद्य पदार्थों में मिलावट कर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने खाद्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। वर्षभर छापामार कार्रवाई, जागरूकता अभियान के बाद भी मिलावटखोर अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे। मिलावटखोर लगातार खाद्य पदार्थों में मिलावट कर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य-2 डॉ. श्वेता सैनी ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विभाग शासन के निर्देश पर वर्षभर अभियान चलाकर कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में विभाग ने 1061 स्थानों का निरीक्षण किया। साथ ही 175 जगह छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान जिले में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 214 सैंपल भरकर जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए। प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में 158 सैंपल फेल निकले। फेल सैंपल में सर्वाधिक अपमिश्रित दूध, मिलावटी मिठाई, नमकीन, ब्रेकरी, तेज और मसाने के शामिल रहे। सहायक आयुक्त खाद्य-2 ने बताया कि जिले के जलेसर, निधौलीकलां, अवागढ़ क्षेत्र में अपमिश्रित दूध बिक्री की अधिक सूचना मिलती रही है, जिसके आधार पर क्षेत्र में कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित के विरुद्ध एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया। कोर्ट ने 65 केसों में निर्णय सुनाते हुए 14 लाख 34 हजार रुपये का जुर्माना किया, जिसमें सर्वाधिक जुर्माना जिले की नमकीन निर्माता फर्म पर 92 हजार, अपमिश्रित दूध पर 70 हजार, परी नमकीन पर 85 हजार रुपये किया गया। वर्तमान वर्ष 2023 में अब तक 17 सैंपल छापामार कार्रवाई कर लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से अभी तक नहीं आयी है। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला से फेल होने वाले अधोमानक सैंपल का वाद एडीएम प्रशासन कोर्ट और असुरक्षित आने वाले सैंपल का वाद एसीजेएम कोर्ट में दायर किये जाते हैं। जिसमें से एसीजेएम कोर्ट में चल रहे वादों में किसी भी मिलावटखोरों के विरुद्ध लंबे समय से सजा नहीं बोली गई है।

वर्ष 2021-22 में 227 में से 112 सैंपल फेल सहायक आयुक्त खाद्य-2 ने बताया कि वर्ष 2021-22 में चले अभियान में टीमों ने 1070 निरीक्षण और 201 छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें 227 सैंपल भरे गए थे। प्रयोगशाला से आई इनकी जांच रिपोर्ट में 112 सैंपल फेल हुए, जिसमें से एडीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद 39 मिलावट खोरों पर 9 लाख 6 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

महीने में सात दिन मोबाइल वैन करती है लोगों को जागरूक

एटा। सहायक आयुक्त खाद्य-2 ने बताया कि मंडल स्तर से महीने में सात दिन जनपद में मोबाइल वैन लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पांच से 10 जून तक मोबाइल वैन जनपद में विभिन्न नगरों, कस्बों में जाकर लोगों को मिलावट के प्रति जागरूक कर रही है। मंगलवार को भी सकीट कस्बा में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मालती ने मोबाइल वैन में खाद्य पदार्थों की जांच कर लोगों को मिलावट के प्रति जागरूक करने का काम किया है। सकीट में 40 खाद्य पदार्थों की जांच कर लोगों को मिलावट के बारे में बताया गया, जिसमें से 9 सैंपल चटनी, काली मिर्च, अरहर दाल, उर्द दाल के फेल आए। उन्होंने बताया कि अब तक मोबाइल वैन ने जागरूकता के लिए 486 सैंपल विभिन्न खाद्य पदार्थों के लिए। जिसमें से 54 फेल आए।

वर्ष 2020-20 में 200 में से 150 सैंपल फेल

एटा, सहायक आयुक्त खाद्य-2 ने बताया कि वर्ष 2020-21 में चले अभियान में टीमों ने 1400 निरीक्षण और 140 छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें 200 सैंपल भरे गये थे। इनकी प्रयोगशाला से आई जांच रिपोर्ट में 150 सैंपल फेल हुए, जिसमें से एडीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद 63 मिलावटखोरों पर 27 लाख 21 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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