दूध के गांव में दारू की धड़ल्ले से बिक्री…

बिहार मुंगेर न्यूज़
धरहरा थाना अंतर्गत सारोरबाग पंचायत बड़ी गोविंदपुर गांव में देशी महुआ दारू की रोजाना धड़ल्ले से होती है बिक्री….यूं तो हॉस्पिटल एरिया के लाला बाबा स्थान में दिन भर दारू स्थानीय दुकानदार वर्षों से सुबित यादव..और उसके सभी पुत्र.. फोल्टा यादव…रूपेश यादव सहित … राजेश यादव पिता कट्टू यादव…अनिल यादव…लखपति यादव सहित और भी लोग खुलेआम दारू दिन भर बेचते है और पीने वाले का जमावड़ा लगा रहता है परंतु शाम होते ही यह एरिया आसपास के 5 10 किलोमीटर के पियक्कर के लिया दारू चखना का हटिया हो जाता है…अगल बगल झाल मुड़ी…समोसा..पकौड़ा…अंडा… दलमोट आदि चखना का बाजार भी दारू के लिए गर्म हो जाता है…ज्ञात हो कि यह सारा खेल स्थानीय प्रशासन के मिलीभगत से होता है और लोकल थाना के दलाल इन सभी दुकानदारों से हफ्ता तसील कर थाना पहुंचाते है साथ ही थाना से कॉर्डिनेशन बनाता है…इसके एवज में उन दलालों का किसी भी दुकानदार के यहां स्वयं और अपने गुर्गे के दारू पीने का कोई पैसा नहीं लगता…साथ ही थाना जानेवाला पैसे में उसकी भी हिस्सेदारी होती है..हालांकि उत्पाद का टीम कभी कभी छापा मारकर इनलोगों को गिरफ्तार भी किया है और जेल भी भेजा है परंतु ये लोग सुधरने का नाम नहीं लेता…सब बाप बेटे मुकदमा झेलने के बावजूद इस धंधे में लगातार पांच वर्षों से ना केवल लिप्त है बल्कि घमंड से कहता भी है..आज जेल होई फेर बेल होई..कल से फिर वोही खेल होई…जो भी हो यह गांव विशुद्ध रूप से यादव जाति का गांव है जहां ज्यादातर लोग भैंस पालते है और भारी मात्रा में दूध उत्पादन कर जमालपुर शहर के होटलों में बेचते है…इस पारंपरिक व्यवसाय में लिप्त लोगों के दर्जनों बच्चें इस उबाऊ धंधा को छोड़ महुआ दारू के धंधे से लाखों कमा रहे है..आसपास की महिला और पढ़ने लिखने बच्चों बच्चियां पर इसका विपरीत प्रभाव पर रहा है…