*दूध उत्पादन में एटा मंडल में दूसरे स्थान पर, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा दूध के उत्पादन के मामले में मंडल में दूसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर दूध उत्पादन करने में अलीगढ़ आगे है। इस समय जिले में करीब 10 से 12 लाख लीटर दूध का हर दिन उत्पादन हो रहा है। इसमें करीब छह लाख लीटर हर दिन डेयरियों को बेचा जा रहा है। आधा दूघ घरों में प्रयोग के लिए रखा जा रहा है।
गर्मी आते ही हर स्थान पर दूध की किल्लत बढ़ जाती है। मांग के अनुरूप उत्पादन नहीं होता। मगर, एटा जिले की कहानी कुछ अलग ही बयां कर रही है। जिले में दूध का जो उत्पादन है वह 12 लाख लीटर के आसपास है। इसमें छह सात लाख लीटर दूध डेयरिया खरीद लेती हैं। शेष दूध घरों में प्रयोग के लिए छोड़ दिया जाता है। दूध का उत्पादन कम होने के बाद भी सभी लोगों को दूध मिल रहा है। शहरी क्षेत्र में दूध को लेकर लोगों में भ्रम बना रहता है कि यह दूध सही है अथवा नहीं।
सीवीओ डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग में भैंसों की संख्या छह लाख 63 हजार 276 है। एक अनुमान के मुताबिक गर्मी के मौसम में करीब 30 फीसदी ही भैंस दूध देती हैं। एक भैंस करीब दस से 12 लीटर तक दूध देती है। जबकि जिले में एक लाख 43 हजार 801 गायों की संख्या है। इस समय गाय करीब 40 फीसदी दूध देती हैं। भैंस के अपेक्षा गाय का दूध अधिक होता है।
दूध के सैंपल हो गए फेल
मिश्रित दूध के मामले में भी एटा खूब चर्चाओं में रहता है। यहां पर मिलावटी दूध का भी बड़ा कारोबार होना बताया गया है। कारोबार की रोकथाम के लिए खाद्य विभाग की ओर से वर्ष 2021 में 79 दूध के सैंपल भरे गए, जिसमें से 15 सैंपल फेल हो गए। वर्ष 2022 में कुल 81 सैंपल भरे गए, जिसमें से 45 सैंपल फेल हो गए। इन सैंपलों में मिलवाटी दूध होना बताया गया था।
अलीगढ़ मंडल में एटा दूध के उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर है। यहां पर हर दिन 10-12 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो जाता है। इसमें विभिन्न दूध की डेयरियों पर करीब पांच से छह लाख लीटर दूध बिक जाता है। शेष दूध घरों में उपयोग के लिए रख लिया जाता है।
प्रवीन चौहान, फील्ड अफसर, दुग्ध विकास विभाग