मेदांता ने शहर के डॉक्टरों के लिए हार्ट टॉक का आयोजन किया

मेदांता ने शहर के डॉक्टरों के लिए हार्ट टॉक का आयोजन किया

वाराणसी, 21 मई, 2023: विश्वप्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर और कार्डियोपोरेसिक सर्जन, डॉ नरेश नेहान (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मैदाता), डॉ रजनीश कपूर (वाईस चेयरमैन- इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, हार्ट इंस्टीट्यूट, मेदांता और डॉ. मनीष बसल (सीनियर डायरेक्टर क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी, हार्ट इंस्टीट्यूट, मेदांता ने वाराणसी में 500 से ज्यादा डॉक्टर्स को संबोधित करते हुए कार्डियेक विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में बताया।

न्यू फ्रंटियर्स इन कार्डियक केयर के बारे में बात करते हुए उन्होंने हृदय रोग के लिए उपलब्ध आधुनिकतम इलाजों की चर्चा

की और आईएमए वाराणसी, एपीआई वाराणसी एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट हॉस्पिटल्स एवं

नर्सिंग होम्स वाराणसी, ऑर्थोॉपीडिक एसोसिएशन ऑफ वाराणसी के डॉक्टर्स को मेडिकल, इंटरवेंशनल एवं सर्जिकल इलाजों में

हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने हृदय रोग के लिए स्वास्थ्य पर केंद्रित दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया क्योंकि शुरुआती

चरण में इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।

डॉ बसल ने बताया, “पूरे विश्व में हृदय रोग के सबसे ज्यादा मामले हमारे यहाँ पाए जाते हैं। इससे भारत की लगभग एक चौथाई

आबादी प्रभावित है, और देश में होने वाली एक तिहाई मौते इस बीमारी के कारण हो रही है, जो अब युवाओं की मौतों का कारण भी बनती जा रही है। हमारी अनुवांशिक प्रवृत्ति हमें कमजोर बनाती है, और कॉविड-19 के कारण कार्डियोवैस्कुलर बीमारियाँ बढ़ी है क्योंकि कोविड-19 हृदय की पेशियों को कमजोर करता है, हृदय की धड़कन के अनियमित होने का कारण बनता है और अचानक से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ाता है।” अन्य जोखिम, जो ठीक किए जा सकते हैं, उनमें डायबिटीज, हाईपरटेंशन और उच्च कोलेस्ट्रॉल है। ये सभी जीवनशैली से जुड़ी

बीमारियों है, और मोटापा, तनाव, नींद न आने, अनियमित आहार शरीर बनाने वाली दवाईयों के सेवन मंदिरासेवन और तम्बाकू

के सेवन के कारण बढ़ती है। डॉ कपूर ने कहा, ‘हमारी आबादी में ये बीमारियाँ काफी ज्यादा पाई जाती है। युवाओं को उनकी

जीवनशैली के कारण खास खतरा है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हम बीमारी की रोकथाम और सर्वश्रेष्ठ इलाज प्रदान करने

के लिए पूरी तरह से तैयार रहे।”

भारत में कार्डियेक बीमारी को महामारी बनने से रोकने के लिए इसका इलाज करने के लिए एक ही छत के नीचे समग्र और इंटीग्रेटेड दृष्टिकोण का विकास किया जाना जरूरी है। डॉ. नेहान ने कहा मैदाता हार्ट इंस्टीट्यूट में हम हृदय रोग को बढ़ने से रोकने के लिए एक अद्वितीय टीम के दृष्टिकोण का पालन करते है और हर मरीज को सर्वश्रेष्ठ एवं कस्टमाईज्ड इलाज प्रदान करते हैं। हर मरीज का परीक्षण कार्डियेक विशेषज्ञों की एक टीम करती है, जिसमें इंटरनेशनल कार्डियोलॉजिस्ट कार्डियेक सर्जन, और क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजिस्ट शामिल है, जो विस्तृत एवं मल्टीडिसिप्लिनरी केयर प्रदान करते हैं। यह हॉस्पिटत एक हाई वॉल्यूम सेंटर है जहाँ अत्याधुनिक टेक्नॉलॉजी की मदद से नियमित तौर से आधुनिक प्रक्रियाएं और सर्जरी की जाती है। इनमें दा विंची सिस्टम द्वारा रोबोटिक हार्ट सर्जरी, हार्ट ट्रांसप्लाट, कॉन्जेनिटल एवं पीडियाट्रिक हार्ट प्रक्रियाएं सर्जरी आधुनिक लीडलेस पेसमेकर इंस्टॉलेशन ऑफ पप कोरोनरी आर्टरी बाईपास (ओपीकेब) कॉम्प्लेक्स एजियोप्लास्टी जैसे क्रोनिक टोटल ऑक्लुजन के लिए एजियोप्लास्टी और आधुनिक ट्रासकैथरर प्रक्रियाएं जैसे टीएवी आई/ टीएवीआर, ट्रांसक्यूटेनियस मिटुल वाल्व रिप्लेसमेंट वाल्व इन वाल्व प्रक्रियाएं मित्रा क्लिप और ट्राईक्लिप शामिल हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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