प्रसाद ने बताया कि 17 अप्रैल को सरकार ने रैपिड किट भेज दी है। इन किट से रैपिड टेस्ट नोएडा में शुरू कर दिया गया है। रैपिड टेस्ट से कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है। यह केवल कोरोना वायरस के सर्विलांस और इंडिकेशन के लिए उपयोग में लाया जाता है। उन्होनें कहा की एल-3 के कोविड अस्पतालों में 40 और एल-2 के कोविड अस्पतालों में 15-20 वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था की गई है। इसी तरह एल- 1 के सीएचसी अस्पतालों में 15-15 ऑक्सीजन के सिलिंडर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रसाद ने बताया मरीजों के आयु वर्ग की बात करें तो 0 से 20 वर्ष तक के 18% मरीज हैं। इसके अलावा 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग तक के 47.3%, 41 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 24.7% और 60 साल से अधिक उम्र के 9.4% लोग संक्रमित हैं। कुल संक्रमित लोगों में पुरुषों का प्रतिशत 78 है और महिलाओं का प्रतिशत 22 है। इस बीच गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कोविड-19 के मद्देनजर पैदा सूरते हाल में मदद के लिए बनाए गए केयर फंड में अभी तक 204 करोड़ रुपए से अधिक धनराशि जमा की जा चुकी है।