बाबा बागेश्वर धाम की कार्यक्रम पर बिहार के मंत्रियों की

बाबा बागेश्वर धाम की कार्यक्रम पर बिहार के मंत्रियों की ओछी मानसिकता, भला क्या प्रदर्शन करती है?

पटना में बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर शब्द है आचार्य धीरेंद्र शास्त्री जी का कार्यक्रम भीषण गर्मी अत्याधिक भीड़ एवं निश्चित रूप से प्रशासनिक अक्षमता के कारण बंद कर देना पड़ा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार इस विषय पर उचित समाधान ना निकालकर सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला रही है बाबा के चमत्कार पर उंगली उठा रही है राज्य और प्रशासनिक अधिकारियों किया जिम्मेदारी थी कि वह आयोजित कार्यक्रम को कुशलतापूर्वक संपन्न कराने का कार्य करते किंतु सारी स्थितियों को देखकर ही प्रतीत होता है कि प्रारंभ से ही प्रशासन इस जिम्मेदारी से अपना मुंह मोड़ रही थी अर्थात उसकी मंशा में ही दोष था ,इसीलिए आरंभ से ही दोषारोपण और राजनैतिक बयानबाजी हुई, राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों के बयान बेहद हास्यास्पद, मूर्खतापूर्ण और अज्ञानता से भरे हुए हैं,बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने बागेश्वर धाम को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि नफरत पैदा करने की अगर कोशिश की जायेगी तो जिस तरह आडवाणी को गिरफ्तार किया गया था उसी तरह धीरेंद्र शास्त्री को भी गिरफ्तार किया जायेगा. यह वही चंद्रशेखर है जिन्होंने रामचरितमानस को लेकर अपनी गंदी मानसिकता का प्रदर्शन किया था, लालू पुत्र और वर्तमान में पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव ने बाबा के विरोध में डीएसएस नाम का एक लाठी सेना बना लिया था, और बाबा को खुला चुनौती देते हुए कहा था कि एयरपोर्ट पर ही बाबा का घेराव कर देंगे, बिहार सरकार में सहकारिता मंत्री सुरेंद्र यादव ने कहा- बागेश्वरी बाबा मां-बहनों को भूत के नाम पर नचाता है. उनके कपड़े खुल जाते हैं. TV पर सब दिखाया जाता है. जो लोग उनके सपोर्ट में हैं, उनके घर की मां-बेटियां बागेश्वरी बाबा के कार्यक्रम में क्यों नहीं जाती हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री जिस दूषित मानसिकता से अपनी राजनैतिक बयानबाजी करते हुए यह कह रहे हैं कि बाबा अगर चमत्कार करते हैं तो फिर अपने कार्यक्रम को लेकर अर्थात गर्मी और उमस तथा भीड़ को लेकर चमत्कार क्यों नहीं करते मंत्रियों की यह मूर्खतापूर्ण सोच उनके व्यक्तित्व को परीक्षित करने के लिए काफी है विवाह बयान देते समय विपक्ष यह नहीं सोचता है कि कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली हो जाए कितनी ही दैवीय शक्तियां उसे प्राप्त हो जाएं वह अपनी शक्तियों का दुरुपयोग नहीं कर सकता है और जिस अभी देव द्वारा उसे यह शक्ति प्राप्त हुई है वह उसे उस शक्ति का दुरुपयोग करने की आज्ञा कदापि नहीं देता है प्रकृति जो कर रही है उसमें दखल नहीं दिया जा सकता, नीम करौली वाले बाबा की हनुमान जी के परम भक्त थे, और उन्हें भी अपार शक्तियां प्राप्त हुई थी, किंतु उन्होंने अपनी शक्तियों का उपयोग सिर्फ से सेवार्थ अकेली किया ना कि ऐशो आराम, व्यक्तिगत लाभ के लिए, जिस तरह बिहार के मंत्री अपनी ओछी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं उससे न सिर्फ बिहारी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति, धार्मिक भावनाएं ,और बिहार की बौद्धिक संपदा पर कुठाराघात हो रहा है

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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