पूजा की अलमारी से चूहा उठा ले आया चांदी के गणेश लक्ष्मी, फिर उस चूहे को खा गई नागिन
घर में बक्से के पास छिपी बैठी नागिन देख डरे घरवाले,सर्पमित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

इटावा । राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई टी आई कैम्पस) इटावा में लक्ष्मी कुमार सिंह के आवास में आज देर रात्रि लगभग 3 बजे एक स्पेक्टिकल कोबरा (नागिन) घुस आई। जानकारी के अनुसार लक्ष्मी कुमार सिंह के घर में पहले से ही कुछ मोटे चूहे भी मौजूद थे संभवतः नागिन भोजन की तलाश में ही वहां आई थी, उन्होंने बताया कि आज रात में उनकी पत्नी बेबी जब सुबह उठकर पूजा करने पूजा घर में पहुंची तो देखा कि,उनकी पूजा की अलमारी से चांदी के गणेश लक्ष्मी गायब थे शायद उनपर मीठा प्रसाद लगाने की वजह से ही कोई चूहा उन्हे वहां से भोजन समझकर उठा ले गया था जब वे गणेश लक्ष्मी को आस पास ढूंढने लगी तब उन्हे लगा कि कोई काली पॉलिथिन उनके बक्से के किनारे पड़ी हुई है जब वो उसे झुककर उठाने चली तो वहां छुपी बैठी नागिन ने उनपर तेजी से फुसकार दिया, जिससे वे बेहद ही डर गई तब उन्होंने अपनी बेटी शिवानी को जगाया गृहणी बेबी ने बताया कि,सुबह ही हमने इस कोबरा सर्प को घर में बक्से के पास बैठे हुए देखा था तब सुबह उनके पुत्र शिवम गौर ने नागिन के दिखाई देने की सूचना सर्प मित्र वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ आशीष त्रिपाठी को दी। डॉ आशीष ने मौके पर पहुंच कर उस नागिन को बिना किसी नुकसान पहुंचाए ही 5 मिनट में ही सुरक्षित रेस्क्यू कर सभी घरवालों को भय मुक्त कर उसे प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, इटावा अतुल कांत शुक्ला के निर्देशन में उसके प्राकृत वास में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया ।
नगर पालिका परिषद इटावा के पर्यावरण एवम वन्यजीव संरक्षण के ब्रांड एम्बेसडर व मिशन स्नेक बाइट डेथ फ्री इंडिया के यूपी कोर्डिनेटर रेस्क्यू विशेषज्ञ सर्पमित्र डॉ आशीष त्रिपाठी ने जानकारी देते हुये बताया कि,यह एक खतरनाक मादा कोबरा थी जिसने एक मोटा चूहा खाया हुआ था जिसकी वजह से ही वह रात से सुबह तक एक ही जगह बैठी भी रही,इस कोबरा प्रजाति (Naja naja) में खतरनाक न्यूरोटॉक्सिक विष मौजूद होता है जिसके काटने पर निश्चित समय से इलाज न मिलने पर रोगी की दर्दनाक मौत भी हो सकती है, यदि आपको कभी भी कोबरा या करैत का दंश (बाइट) हो भी जाये तो कृपया झाड़ फूंक या ढाक बजाने वाले किसी भी व्यक्ति के पास जाकर रोगी का बहुमूल्य समय बिलकुल भी नष्ट न करें न ही घबराएं बल्कि,बिना समय गंवाये ही पीड़ित पुरुष या महिला को हल्का सा बन्ध लगाकर जनपद के इमरजेंसी वार्ड ले जाकर तत्काल एडमिट करा कर एंटीवेंनम लगवाएं क्यों कि,सर्पदंश का इलाज सिर्फ एंटीवेनम ही है झाड़ फूँक बिल्कुल भी नही है।
जनपद इटावा में संस्था ओशन, (ऑर्गनाइजेशन फॉर कंजरवेशन ऑफ़ एनवायरनमेंट एंड नेचर) के द्वारा जन जन को लगातार जागरूक करने का अब एक बहुत बड़ा असर हुआ है कि,अब लोगो ने सर्पों या अन्य वन्यजीवों को मारना छोड़ दिया है इससे पूर्व जनता में ऐसा बड़ा बदलाव नही देखा गया था । जागरूक होने के बाद से लोग सर्पमित्र डॉ आशीष को उनके नम्बर 7017204213 पर कॉल कर सर्पों या वन्यजीवों के दिखाई देने की सूचना देते रहते है। ज्ञात हो कि, डॉ आशीष त्रिपाठी जनपद इटावा में यूपी पुलिस की डायल 112 सेवा व वन विभाग के सहयोग से लगातार सर्प एवम वन्यजीव संरक्षण का कार्य कर रहे है।