शहरी क्षेत्र में बसे परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार दिया जाना जनहित में राज्यपाल को पत्र प्रेषित-सावित्री देवी

सोनभद्र। केंद्र सरकार द्वारा गांव के लोगों को भी शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से ग्रामीण क्षेत्रों में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक पीएम स्वामित्व योजना भी है। इस योजना के तहत गांव के उन लोगों को अपने घर की जमीन का मालिकाना हक दिया जाता है जो किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है दरअसल देश के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी ऐसे लोग हैं जिनकी घर की जमीन किसी भी सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं है व कुछ लोगों की आबादी हैं जिससे उनकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा कब्जा होने का खतरा हमेशा बना रहता है इसके अलावा इस जमीन पर लोन भी नहीं मिल पाता है। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की शुरुआत किया गया है। पीएम स्वामित्व योजना एक केंद्रीय योजना है। जिसे 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर मा०प्रधानमंत्री मोदी जी ने शुरू किया था। स्वामित्व योजना का उद्देश्य गांव में बसे हुए ग्रामीण परिवारों के मालिकों को “अधिकारों के रिकॉर्ड / संपत्ति कार्ड प्रदान करना है। इस योजना में विविध पहलुओं को शामिल किया गया है।इनमें संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाना और बैंक ऋणों को सक्षम बनानाय संपत्ति संबंधी विवादों को कम करना व्यापक ग्राम स्तरीय योजना शामिल हैं। यह पंचायतों के सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल को और बढ़ाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगे. इस योजना में कमजोर समूहों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को शामिल किया गया।महिला सुरक्षा एवं जन सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष सावित्री देवी ने पुरे जनपद सोनभद्र की इस जन सरोकार से जुड़े मामले पर राज्यपाल उत्तर प्रदेश लखनऊ व प्रधानमंत्री भारत सरकार को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर यह मांग किया की जनपद सोनभद्र के ज्यादातर नगर निकायों में वर्षों से बसें परिवार दरसल शहरी क्षेत्रों में काफी ऐसे लोग है जिनकी घर की जमीन किसी भी सरकारी आंकड़ों में दर्ज नहीं है कुछ लोगों की भूमि आबादी दर्ज भी है जिसके आधार पर ज्यादातर लोगों को केन्द्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया व जिसका ज्यादातर लोग अपना गृह कर व जल कर भी जमा करते है परन्तु वर्तमान समय में दर्ज आबादी व अन्य भूमि में निवास कर रहे लोगो के पास कोई सरकारी कागज नहीं होता है इस प्रकार की भूमि पर लोग अपने कब्जे के आधार पर रह रहे है हमेशा निवासरत लोगों को भू-माफियों से डर बना रहता है उन लोगों को घर बनवाने में बैंक व्दारा लोन नही मिल पाता है प्रधानमंत्री जी की महत्वकांक्षी योजना स्वामित्व योजना के अंतर्गत आबादी का सर्वे कराके आबादी अधिकार अभिलेख तैयार करते हुये वर्षों से कब्जे के आधार पर जांच कराकर भूमि का मालिकाना हक़ खतौनी देने हेतु विचार किया जाये जिससे निवासरत लोगों को इसका लाभ मिलेगा व किसी से भी विवाद नहीं होगा।अगर सरकार ने इस प्रकरण को संज्ञान में ले लिया तो अगामी 2024 में इसका लाभ सरकार को भी देखने को मिलेगा।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks