वन रैंक वन पेंशन से संबंधित जंतर मंतर में चल रहा पूर्व सैनिकों का धरना प्रदर्शन 75 वे दिन में प्रवेश

मेजर जनरल सतवीर सिंह जी के कुछ साथी अफसरों ने धरना प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों से बातचीत करने का किया आग्रह लेकिन पूर्व सैनिकों ने दो टूक जवाब दिया नहीं चाहिए किसी अफसर की मेहरबानी?पूर्व सैनिकों ने कहा कि हम अपना फैसला स्वयं करेंगे और सरकार के घुटने टिकाकर के ही यहां से उठेंगे !
( कैप्टन राज द्विवेदी राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय मीडिया फाउंडेशन सैनिक फोरम की कलम से)
गौरतलब है कि वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर पूरे भारतवर्ष के पूर्व सैनिक जंतर मंतर नई दिल्ली में पिछले 20 फरवरी से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और जिसके चलते 30 अप्रैल को पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिले के प्रत्येक पूर्व सैनिक संगठन द्वारा अपने अपने जिले के सांसदों को ज्ञापन सौंपा जिससे यह सभी सांसदों को यह पता चल सके कि भारतीय पूर्व सैनिकों के खिलाफ कितनी बड़ी साजिश रची जा रही है और यह सभी सांसद संसद भवन में जाकर इस विषय को बारीकी से उठाएं जिससे रोलिंग गवर्नमेंट को पता चले हमने कहा गलतियां की और किन कारणों से पूर्व सैनिकों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ नहीं मिला !
विषयांतर्गत सभी सैनिकों ने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन जवानों को दिया जाए और जो भी अन्य विसंगतियां पेंशन से संबंधित और अन्य मांगे हैं उसको पूरा किया जाए! सेवानिवृत्त मेजर जनरल सतवीर सिंह एवं उनकी टीम द्वारा जंतर मंतर पर एक समानांतर धरना प्रदर्शन करने के लिए अपना अलग मंच तैयार कर षड्यंत्र पूर्ण और कूट रचित रचना के तहत जवानों द्वारा चलाए जा रहे धरना प्रदर्शन को कमजोर कराने की नाकामयाब कोशिश किया जिसको जवानों ने तुरंत भांप लिया और उन अधिकारियों को दो टूक जवाब देकर उनको धरना प्रदर्शन से बाहर कर दिया!जवानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमें तुम्हारी मेहरबानी नहीं चाहिए क्योंकि तुम्हारे कारण ही यह सब हम लोगों को 75 दिनों से भूखे प्यासे रहकर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ रहा है क्योंकि आप लोगों ने हमारे विषय पर कभी नहीं सोचा और हमेशा अंग्रेजों की तरह बर्ताव करते रहे और अपना हित की तरफ आप लोग ध्यान दिए हैं जवानों के हित को बिल्कुल कुचल दिया है इसलिए हम आपके साथ कभी नहीं मंच साझा करेंगे क्योंकि भारत सरकार अब समझ गई है कि जवानों को वन रैंक वन पेंशन का लाभ नहीं मिला है और इसी के साथ-साथ एमएसपी और अन्य डिमांड जो तर्कसंगत है उसको जिला कलेक्ट्रेट के द्वारा भारत सरकार को पहुंच चुकी है और यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होगी क्योंकि अब भारतीय सेना के अंदर बदलाव की आवश्यकता है इससे पहले भारत सरकार कभी भी अंदर घुस कर के इस विषय पर विचार नहीं किया था और जब इतने सालों के बाद वन रैंक वन पेंशन की सुनवाई हुई तो यह पाया गया कि जवानों के लाभ देने के बजाय अफसरों ने स्वयं अपना लाभ लिया जो भारतीय सशस्त्र सेना के जवानों को सीधे तौर पर नुकसान हुआ है !
हाल ही में कुछ पहलवानों द्वारा जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया गया जिस कारण से कुछ कहासुनी पुलिस और उन पहलवानों के बीच में हुई जिस कारण से जंतर-मंतर में चल रहे पूर्व सैनिकों के आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए उनको हटाने के लिए कोशिश की गई और जो वहां बैनर लगे हुए थे उनको हटा दिए गए इस विषय को जैसे ही पूर्व सैनिकों ने पुलिस को अवगत कराया तो वह फिर सामान्य स्थिति में लाने के लिए पहल किया और पुलिस की तरफ से उनको किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई जा रही है मेजर जनरल सतवीर सिंह की टीम से यह अफवाह फैलाई गई कि धरना प्रदर्शन बंद हो गया है जो सरासर गलत और षड्यंत्रपूर्ण है !पूर्व सैनिकों ने इसका जोरदार खंडन करते हुए कहा कि जब वन रैंक वन पेंशन का लाभ लेना था तब यही मेजर जनरल सतवीर सिंह हमारे जवानों के कंधों पर बंदूक मारने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी और जब भारत सरकार ने वन रैंक वन पेंशन देने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया तब वह केवल अफसरों को वन रैंक वन पेंशन की जितनी भी राशि भारत सरकार ने जवानों के लिए दिया था वह सब ऑफिसर्स कैटागरी को बांट दिया लेकिन जवानों और जूनियर कमीशन अफसर को दरकिनार कर दिया गया और अब हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचने के लिए अपने आदमी भेज रहे हैं और सिविल पुलिस का सहारा लेकर हमारे धरना प्रदर्शन को बंद कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं रहे हैं लेकिन यह कामयाब नहीं होंगे और हम अपना धरना प्रदर्शन लगातार तब तक जारी रखेंगे जब तक हमारी मांगों का संतोषजनक उत्तर भारत सरकार नहीं देती तब तक भारत सरकार के कोने-कोने से पूर्व सैनिकों का आना-जाना प्रारंभ रहेगा और धरना प्रदर्शन अपनी जगह पर पूरी तत्परता के साथ पूरी अनुशासन के साथ जारी रहेगा!