50 के बाद चाहिए टीकों की खुराक !

50 के बाद चाहिए टीकों की खुराक !

हमारी वयस्क आबादी का एक बड़ा भाग उन लोगों का है, जिन्हें पता ही नहीं कि उनका टीकाकरण सही से हुआ भी है या नहीं। उम्र के साथ कई तरह के रोगाणुओं से लड़ते हुए हमारे शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में कई तरह के संक्रमणों से बचाव के लिए बुजुर्गों को कुछ टीके लगवाने की सलाह दी जाती है। ये हैं-

●इंफ्लुएंजा (फ्लू)

●निमोकोकल (पीसीवी 13/ पीपीएसवी 23)

●हर्पीज जॉस्टर

●टीडी बूस्टर के लिए टीडीएपी की एक बार की डोज, उसके बाद हर दस साल में बूस्टर डोज

●वेरीसेला की 2 खुराक

●निमोकोकल की एक खुराक

●हेपेटाइटिस ए दो खुराक

●हेपेटाइटिस बी तीन खुराक

●मेनिंगोकोकल एक खुराक

बुजुर्गों की सेहत की नियमित जांच जरूरी है। बड़ों के लिए मीजल्स, मम्स, रूबेला, डिप्थीरिया और चेचक जैसे रोगों के लिए भी टीका उपलब्ध है। इनकी जरूरत उनको होती है, जिनकी इम्युनिटी कमजोर है या जो इम्यूनोसप्रेसिव एजेंट्स पर निर्भर हैं। बड़ों को जीवनकाल में दस साल के अंतराल पर टिटनस और डिप्थीरिया इम्युनाइजेशन की जरूरत होती है। मधुमेह, दिल, लिवर व किडनी के गंभीर रोगों से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर से टीकों पर बात करनी चाहिए।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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