
पहलवानों और कुश्ती संघ के अध्यक्ष के बीच लड़ाई का मुख्य कारण ये ही है जो कि 18 मई 2018 को प्रकाशित हुई एक खबर के आधार पर आसानी से समझा जा सकता है।
फोगाट बहनें और साक्षी मलिक के पति नेशनल कैंप से बाहर, फेडरेशन बोली- अब घर बैठो
फोगाट बहनों, साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान और अन्य पहलवानों को भारतीय कुश्ती संघ ने एशियन गेम्स के लिए कैंप से बाहर कर दिया है। बड़ी कार्रवाई करते हुए संघ ने 15 पहलवानों के नाम लिस्ट से काट दिए हैं और उनके एशियन गेम्स के ट्रायल में शामिल होने पर भी रोक लगा दी है। कैंप से बाहर किए गए खिलाड़ियों में हरियाणा के 10 पहलवान शामिल हैं।
एशियन गेम्स के लिए सोनीपत के साई सेंटर में पुरुष पहलवानों और लखनऊ में महिला पहलवानों का नेशनल कैंप चल रहा है। लखनऊ कैंप से 13 महिला पहलवान गायब हैं, जबकि सोनीपत कैंप से दो पहलवान गायब हैं। इन पहलवानों ने कैंप में शामिल न होने संबंधी कोई अग्रिम सूचना कोट को नहीं दी है।
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ा संज्ञान लिया है। संघ ने नेशनल कैंप से इन खिलाड़ियों का नाम काट दिया है और साथ ही इन पहलवानों के एशियन गेम्स के लिए ट्रायल देने पर भी रोक लगा दी है।
इन पहलवानों पर हुई कार्रवाई
जिन पहलवानों पर कार्रवाई हुई है उनमें गीता फौगाट, बबीता फौगाट, रितु फौगाट, संगीता फौगाट, इंदु चौधरी, रविता, पूजा, मनु, नंदनी सलोखे, रेशमा माने, अंजू, मनु तोमर, कामिनी महिला पहलवान शामिल हैं। वहीं श्रवण और साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत का नाम भी कैंप से बाहर किया गया है।
नेशनल कैंप से बिना सूचना के गायब रहने वाले पहलवानों ने अनुशासनहीनता दिखाई है। इस कारण इनके नाम नेशनल कैंप से काटते हुए कार्रवाई की गई है। इन पर एशियन गेम्स का ट्रायल देने पर भी रोक लगा दी गई है।
- विनोद तोमर, जनरल सेक्रेटरी भारतीय कुश्ती संघ