गोकशों की संख्या थी 30, मुकदमे में लिखी 20

गोकशों की संख्या थी 30, मुकदमे में लिखी 20
*ग्रामीणों की मानें तो बाकी के गाय तस्कर भर ले गए, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा,गोशाला के बाहर जो गोस्तकर थे उनकी संख्या 30 बताई जा रही है, लेकिन जो मुकदमा दर्ज हुआ उसमें गोतस्करों की संख्या 20 दर्ज की गई है। हालांकि पुलिस भी संख्या अधिक ही मान रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सभी बदमाश कच्छा-बनियान में थे। उनकी जो बोली थी वह समझ में नहीं हो आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि वह कहीं बाहर के रहने वाले है।
वारदात के तरीके से तस्कर छंटे हुए बदमाश माने जा रहे, कोई भी नया नहीं लग रहा

एटा, । गोशाला के बाहर जो घटनाक्रम हुआ शायद यह पहला मामला है कि गोशाला के गेट पर ही गोतस्करी की गई हो। तस्कर भी ऐसे एक्सपर्ट बताए थे कि घंटों में ही अपना काम पूरा कर ले।

तस्करों ने जिन लोगों को बंदी बनाया था कि उनकी मानें तो जो भी तस्कर थे उनमें से सिर्फ एक या दो लोग ही पूरे कपड़े पहने हुए थे। बाकी सभी कच्छा-बनियान में थे। सभी के मुंह बंधे हुए थे। जो लोग गाय काट रहे थे वह इधर उधर नहीं देख रहे थे। वह अपने काम जुटे थे। जो लोग इधर उधर नजर रखें हुए थे वह चारों ओर से रखवाली कर रहे थे। वह हर समय अलर्ट मोड पर थे। जिस स्थान पर गाय काटी जा रही थी उस स्थान पर कोई वाहन नहीं था। वाहन भी काफी दूर खडा था। मंसूबों में कामयाब होने के बाद सभी एक साथ वाहन की ओर चले गए। बंधक बनाए हुए लोगों की मानें तो जब यह लोग बात कर रहे थे तो किसी का नाम भी नहीं ले रहे थे। बिना नाम लिए ही बातें कर रहे थे। जिस तरह से पिता पुत्र पर हमला किया है उससे ऐसा लगता है कि यह कच्छा बनियान धारी गैंग का ही हिस्सा है। जानकरों की मानें तो यह गैंग हमेशा सिर पर ही हमला करता है।

चुनाव में फोर्स जाने का उठाया फायदा, चौकी पर मात्र एक सिपाही गोतस्करों को पूरी जानकारी थी जिले में पुलिस फोर्स काफी कम है और ऐसे में पुलिस तत्काल कार्रवाई नहीं कर पाएंगी। जिस क्षेत्र में घटना हुई है उस चौकी पर वर्तमान में केवल एक ही सिपाही तैनात है। बाकी सब आगरा और फिरोजाबाद में चुनाव कराने गए हैं।

खुलासे को लेकर चार टीमें लगाई गई हैं। कई पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों की ओर से जो तथ्य बताए गए है। उनका भी संज्ञान लिया गया है। शीघ्र ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।

  • उदय शंकर सिंह, एसएसपी एटा। गोशाला में कोई ना रहने के मामले में बीडीओ, ग्राम पंचायत सेक्रेटरी को नोटिस दिया गया है। इनसे जबाव मांगा गया है। इस मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है। एएसडीएम वेदप्रिय आर्य और सीवीओ इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देंगे।
    -अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम पुलिस तंत्र फेल, चेकिंग पर सवाल, नहीं लगे सीयूजी

गौरक्षक सुनील चौहान बताते हैं कि मामले की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल की, मगर वह नंबर नहीं मिला। इसके साथ ही कोतवाली देहात प्रभारी के सीयूजी पर कॉल की वह भी नंबर नहीं लगा। गोरक्षक के अनुसार जिले के पुलिस विभाग के बड़े अधिकारियों के भी सीयूजी नंबर मिलाए। किसी का भी नंबर नहीं मिला। कोतवाली नगर पहुंचे और मामले की जानकारी दी। इसके बाद सभी थानों में वायरलैस किया। सवाल यह भी उठ रहा है कि निकाय चुनाव चल रहे हैं और चेकिंग की बात की जा रही है। उसके बाद भी तस्कर आसानी से भाग निकले। ग्रामीणों में रोष है कि पुलिस पहले तो मामले को दबाने में जुटी और नाकामी छिपाने को आनन-फानन में अवशेष दफना दिए।

घटना में कोई विभीषण भी गांव से गई थी बारात कम

बेखौफ होकर गाय काटने के मामले में कोई न कोई विभीषण की भी भूमिका नजर आ रही है। चर्चा है कि घटना को अंजाम देने से पूर्व तस्करों ने काफी अच्छी तरीके से रैकी की होगी। इसके बाद ही घटना को अंजाम दिया गया है। गांव लख्मीपुर निवासी आदर्श चौहान, चन्द्रभान सिंह चौहान आदि बताते है कि मंगलवार को गांव से चन्द्रशेखर की बारात गई हुई थी। रात करीब तीन बजे घटना की जानकारी युवाओं को लगी। बारात से ज्यादातर लोग लौट आए थे और एकत्रित होकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। मौके पर गोमांस मिला था। लोगों में चर्चा है कि घटना को अंजाम देने से पहले तस्करों ने पूरी रैकी की है और उन्हें पता था कि रात में कोई भी नहीं रूकता है। पूरी घटना में कहीं न कहीं कोई लोकल के भी तस्कर का साथ होना दिखाई दे रहा है।

83 गाय के सापेक्ष मात्र 56 गाय ही मिली

विभाग के अनुसार मौके से केवल 14 गाय के ही अवशेष मिले और बाकी के गाय कहीं चले जाने की बात कह रहे रहे है। हालांकि ग्रामीणों की मानें तो बाकी के गाय तस्कर भर ले गए है। गांव लख्मीपुर स्थित गोशाला में घटना से पूर्व 83 गाय का होना बताया गया है। घटना के बाद बुधवार सुबह अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी की बाद बताया गया है कि वर्तमान में केवल 56 गाय ही गोशाला में रह गई है। 27 गाय गोशाला में नहीं है। उनमें से मौके से केवल 14 गाय के अवशेष मिले है। बाकी गाय कहां गई इस पर सवाल करने पर बताया कि बाकी गाय डर के कारण भाग गई होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि तस्करों ने पहले गाय काटी है और उनके साथियों ने बाकी गाय को बंद गाड़ी में डालकर ले गए हैं।

*डीएम ने गठित की दो सदस्यीय टीम

डीएम ने गोशाला में घटित घटना एवं गोरक्षा प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद के प्रदाधिकारियों की ओर से दी गई शिकायती पत्र को गंभीरता लिया है। जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। एएसडीएम वेदप्रिय आर्य, सीवीओ डा. अनिल कुमार को जांच टीम में शामिल करते हुए टीम को निर्देशित किया कि समस्त पहलुओं की संयुक्त रूप से जांच कर तीन दिन में अपनी आख्या प्रस्तुत करें। प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए। गोशाला प्रकरण में नरसिंह सोलंकी निवासी ग्राम लखमीपुर की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली देहात थाने में धारा 395, 397, 3/5ए/8 के तहत 15-20 अज्ञात लोगों के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks