हर दल को अपना पुराना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती, रिपोर्ट योगेश मुदगल

जनपद में 10 निकायों के लिए हो रहे निकाय चुनाव में भाजपा के सामने सत्ता की साख बचाने की चुनौती है। एटा के सांसद राजवीर सिंह, प्रभारी मंत्री संदीप सिंह व जनप्रतिनिधियों के कंधों पर भाजपा का झंडा निकायों में फहराने की जिम्मेदारी है। भाजपा ने वर्ष 2017 में दो नगर निकायों पर जीत दर्ज की थी। सपा व बसपा ने दो-दो निकायों व निर्दलीय उम्मीदवारों ने तीन निकायों में परचम लहराया था।
नगर निकाय चुनावों में परचम लहराने के लिए भाजपा नेता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। निकायों में अध्यक्ष पदों के उम्मीदवार को जिताने के लिए एटा के सांसद राजवीर सिंह, प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी लगातार चुनाव की कमान संभाले हुए हैं। जिले की हर निकाय पर भाजपा ने प्रभारी नियुक्त किए हैं। जिससे चुनाव के दौरान कोई चूक न होने पाए। निकाय चुनावों में भाजपा बेहतर प्रबंधन के साथ काम कर रही है। भाजपा ने वर्ष 2017 में सोरों व गंजडुंडवारा नगर पालिका परिषद व सिढ़पुरा नगर पंचायत अध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में तीन निकायों के साथ अन्य निकायों पर जीत हासिल करना भाजपा के लिए आसान नहीं हैं। सपा, बसपा व निर्दलीय उम्मीदवारों से भाजपा उम्मीदवारों से चुनौती मिल रही है। हर दल में बागी भी रास्ते का रोड़ा बन रहे हैं।
वर्ष 2017 के निकाय चुनाव के परिणाम-
03 निकायों में भाजपा ने की जीत दर्ज, 02 निकायों में सपा ने की थी जीत दर्ज, 02 निकायों में बसपा ने की थी जीत दर्ज, 03 निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने की थी जीत दर्ज