दुष्कर्म करने वाले तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है। सजा सुनाने के साथ ही अर्थदंड से दंडित भी किया, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा – खेत पर गई किशोरी को पकड़कर ले जाने एवं बेहोश कर दुष्कर्म करने वाले तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है। सजा सुनाने के साथ ही अर्थदंड से दंडित भी किया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा।
एडीजीसी प्रभात कुमार सिंह चौहान के अनुसार थाना सकरौली के एक गांव निवासी पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि वह पंजाब में मजदूरी करता है। दोनों बेटियों को दादी के पास गांव छोड़कर गया था। 21 मार्च 2015 बेटी भाभी के साथ शौच के लिए गई थी। वापस घर आ गई थी। पेट में दर्द होने के बाद वह फिर से खेत पर गई थी।
आरोपी विनोद पुत्र ओमप्रकाश निवासी नगला देवर थाना सिकंद्राराऊ हाथरस ने कपड़ा डालकर बेटी को ले गया। इसके साथ आरोपी मुकेश पुत्र रामसनेही, श्रीकृष्ण पुत्र रामवीर निवासी नगला गंगा थाना सकरौली भी साथ थे। तलाश के दौरान बेटी 200 मीटर अचेत मिली थी। आरोप थे कि विनोद खींचकर ले गया था। जिसके बाद वह बेहोश हो गई थी।
पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई। पुलिस ने जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दायर की। गुरूवार को दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील पेश की।
दोनों अधिवक्ताओं की ओर से दलील सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉस्को एक्ट विपिन कुमार तृतीय ने तीनों को दोषी माना। दोषी विनोद, मुकेश, श्रीकृष्ण को 20-20 साल की सजा सुनाई है साथ ही 50-50 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया गया है।