
@,काम बोलता है—
वोट की राजनीति कहें या पब्लिक के विश्वास का कत्ल-
एटा-11 मई नगर निकाय के चुनाव होने जा रहे है- लेकिन हालात सड़कों पर जिंदा घाव लिए तड़प कर इंसानों से बदले ले रहें हैं और इस वक्त सफेदपोश संस्कारों का लिबास पहनकर सड़क गली चौराहों पर लंबे लंबे हाथ जोड़कर चरण स्पर्श करते घूम रहे हैं वोट की राजनीति कहें या पब्लिक के विश्वास का कत्ल डा,बिसारिया पैथोलॉजी के सामने चौराहे पर इतना बड़ा गड्ढा है सड़क पर है जिसमें आए दिन छोटी और बड़ी गाड़ियां समा जाती है लेकिन सफेद पोश नजरें घुमाकर चलते बनते है लापरवाही की भी एक हद होती है तो कहना पड़ेगा कि अब पब्लिक भी जागरूक हो चली है सफेदपोश समझते हैं कि हर बार वोट की राजनीति चरण वंदना से हो—तो उनका मात्र बहम होगा क्योंकि काम बोलता है दाम हर जगह नहीं।
दीप्ति,