
उमेश पाल हत्याकांड में खान सौलत आरोपित
प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। धूमनगंज पुलिस ने अतीक अहमद के साथ उमेश पाल अपहरण कांड में उम्र कैद की सजा पाने वाले अधिवक्ता खान सौलत हनीफ को उमेश पाल की हत्या में साजिश रचने और शूटरों की मदद करने का आरोपी बनाया है। जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे अधिवक्ता सौलत हनीफ को जल्द ही पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा उमेश पाल हत्याकांड में एक ऐसे वकील की भी तलाश की जा रही है जिसने आईफोन से शूटरों को उमेश पाल के बारे में जानकारी शेयर की थी।
अधिवक्ता खान सौलत हनीफ को पहली बार उमेश पाल ने अपने अपहरण केस में अतीक के साथ नामजद किया था। 28 मार्च को कोर्ट ने अपहरण कांड पर फैसला सुनाया। इसमें अतीक के साथ ही उनके वकील खान सौलत हनीफ व दिनेश पासी को उम्रकैद की सजा हुई थी। खान सौलत हनीफ और दिनेश पासी नैनी जेल में बंद हैं। धूमनगंज पुलिस ने अब उमेश पाल की हत्या में भी खान सौलत को आरोपित बना दिया है। सौलत पर शूटरों की मदद करने का आरोप है। ईडी को खान सौलत के घर से अतीक की करोड़ों की बेनामी संपत्तियों के पेपर मिले हैं। वहीं उमेश की हत्या में एक और वकील पुलिस के रडार है जिसने इस वारदात में शूटरों की मदद की थी।
अलग-अलग ऐप से आपस में जुड़े थे शूटर
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प्रयागराज। उमेश पाल हत्याकांड के शामिल शूटर आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही कारण है कि अभी तीन शूटर फरार हैं। पुलिस से बचने के लिए फोन और व्हाट्स ऐप की जगह ये तीनों दूसरे ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके कारण ही पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही है। इसका खुलासा खुद पकड़े गए अतीक के गुर्गों ने किया है।
उमेश पाल की हत्या के बाद जब पुलिस ने आईफोन का राज खोला तो फरार शूटरों ने इसे भी बंद कर दिया। अब वे नए ऐप से बात करने लगे। करेली पुलिस ने अतीक के गुर्गे असाद कालिया को जेल भेजने से पहले गहन पूछताछ की थी। असाद ने स्वीकार किया था कि वह एक साल तक फरारी के दौरान भी जेल में बंद अतीक व असद से बात करता था। इन लोगों की एक अलग ऐप पर बात होती थी। इसी एप की मदद से अन्य शूटर भी आपस में जुड़े थे। फरार साबिर व अरमान की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।