
कोरोना संक्रमित मिलने पर भी नहीं कराया सैनेटाइजेशन
एटा, । 12 दिन से जिले में लगातार कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं। उसके बाद भी संक्रमण की रोकथाम के लिए संक्रमित इलाकों में सैनेटाइजेशन नहीं कराया जा रहा। संक्रमित निकलने के बाद सिर्फ होम आइसोलेशन और कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में आठ अप्रैल से कोरोना संक्रमण की शुरूआत हुई है, जिसके बाद से लगातार 12 दिन में जिले में निकले 46 कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं, जिसमें आठ अप्रैल को दो, नौ अप्रैल को में एक, 10 में तीन, 11 में नौ, 12 में छह, 13 में तीन, 14 में तीन, 15 में दो, 16 में तीन, 17 में दो, 18 में नौ, 19 में एक और 20 में दो कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं। उसके बाद भी संक्रमितों के घर, गली-मोहल्ला में स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय और जिला प्रशासन की ओर से सेजेटाईजेशन नहीं कराया गया है। पूर्व में कोरोना संक्रमित निकलने के तत्काल बाद सैनेटाजेशन कराया जाता था। इस बार ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। उससे जिले में 12 दिन बाद भी कोरोना संक्रमित निकलने का क्रम लगातार जारी बना हुआ है।
संक्रमितों को सात दिन होम आइसोलेशन में रखने के निर्देश शासन से जिले में कोरोना संक्रमित निकलने पर सात दिन होम आइसोलेशन में रखने के निर्देश हैं। जिसके बाद भी यदि संक्रमित की हालत में सुधार न होने पर उसको एल-1 प्लस, एल-2 और एल-3 कोरोना अस्पताल में रखने के निर्देश है। जिले में अभी तक एक भी कोरोना संक्रमित गंभीर स्थिति में नहीं पहु्चां है। अभी तक 21 लोग सात दिन की देखभाल में ठीक हो चुके हैं, जिले में चार कोरोना अस्पतालों में संक्रमितों को रखने की व्यवस्था है।
जिले में कोरोना संक्रमण खतरनाक नहीं हैं। इसलिए सैनेटाइजेशन कराने की जरूरत नहीं है। संक्रमण की रोकथाम को संक्रमित के लिए होम आइसोलेशन, कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट करने के निर्देश है। इसके अलावा लोगों को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है।
डॉ. उमेश चंद्र त्रिपाठी, सीएमओ, एटा।