
पूर्व मंत्री के बेटे-भाई सहित पांच के गैर जमानती वारंट
हाथरस, संवाददाता। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के बेटे व भाई सहित पांच लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले के मामले में जनपद के एससीएसटी एक्ट कोर्ट से शुक्रवार को गैर जमानती वारंट जारी हो गये हैं।
विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान रामवीर उपाध्याय सादाबाद विधानसभा से बसपा के प्रत्याशी थे और देवेन्द्र अग्रवाल सपा के प्रत्याशी थे। उस समय चुनाव प्रचार के दौरान बसपा कार्यकर्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि सपा कार्यकर्ता रिंकू ठाकुर गोली लगने से घायल हुआ था।
बताते हैं कि उस वक्त रिंकू अपने दोस्त वीरेन्द्र दिवाकर के साथ मानिकपुर में प्रचार कर रहा था। इस मामले में घायल रिंकू के पिता ने नामजद तहरीर दी थी। कोर्ट के आदेश पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, ब्लाक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिराग उपाध्याय के अलावा चिन्टू गौतम और शशिकान्त शर्मा के खिलाफ सहपऊ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी। मगर कोर्ट ने फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने पांच लोगों को आरोपी मानते हुए तलब कर लिया। रामवीर उपाध्याय परिवार के लोग हाईकोर्ट पहुंचे और उन्मोचित के लिये प्रार्थना पत्र दिया था।
जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट से कोई राहत न मिलने के बाद भी कोई भी कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इसे लेकर जनपद के एससीएसटी एक्ट कोर्ट ने इन सभी पांचों लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिये हैं।
बसपा कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र की गई थी जान
हाथरस। 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र शर्मा की खूनी संघर्ष में गोली लगने से मौत हो गई थी। उस समय सादाबाद में खूब हंगामा हुआ था। बमुश्किल पुलिस ने हालातों को काबू में किया था। उस समय पीएसी का सादाबाद में डेरा रहा। यह सब मतदान से चंद दिन पहले ही हुआ था।
देवेन्द्र सहित कई लोग गए थे जेल
हाथरस। बसपा कार्यकर्ता पुष्पेन्द्र शर्मा हत्याकांड में सपा के पूर्व विधायक देवेन्द्र अग्रवाल सहित कई लोग जेल गये थे। कई महीने तक आरोपियों को जेल में रहना पड़ा। फिलहाल सभी हत्याकांड के आरोपी जमानत हैं। इस मामले की सुनवाई हाथरस कोर्ट में चल रही है।