
लाल झंडा और सीपीआई (एम) को मजबूत करें – एस. के. बक्शी की याद मे आयोजित संकल्प सभा का एलान
बीसीकेयू इस इलाके मे शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक
सिंदरी (धनबाद):-18अप्रैल। आज पुरे देश की जनता मेहनतकश सबसे ज्यादा परेशान हैं क्योंकि महंगाई और बेरोजगारी की मार सबसे ज्यादा उन्हें ही झेलनी पड़ रही है.एक ओर जहां देश के एक प्रतिशत लोगों का राष्ट्र की पैंतालीस प्रतिशत संपदा पर नियंत्रण हो गया है वहीं दूसरी ओर मेहनतकशों के जीवन जीविका पर बढ रहे हमलों के कारण उनकी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. लेकिन केंद्र की मोदी सरकार उन्हें राहत देने के बजाय उन पर बोझ ही बढा रही है. इस बार का बजट इसका प्रमाण है जिसमें मनरेगा, एकीकृत बाल विकास स्कीम और सामाजिक सुरक्षा के लिए आवंटन कम कर दिया गया लेकिन बड़े कार्पोरेट घरानों को टैक्स में भारी छुट दे दी गई, यह बात आज चासनाला में का. एस. के. बक्शी की स्मति में आयोजित संकल्प सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा कारात ने कही. उन्होंने कहा कि आज भारत सरकार अन्य उधोगों की तरह कोयला उद्योग के भी निजीकरण की दिशा में आगे बढ रही है. नीलामी के माध्यम से प्राइवेट कोल ब्लाक का तेजी से आवंटन जारी है. इसलिए आने वाले दिनों मे कोयला उद्योग में नियमित मजदूरों की संख्या घटेगी और ठेका प्रथा और आउट सोर्सिंग बढेगा.इसके
खिलाफ हमें संघर्ष को तेज करना होगा. सभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि आज सबसे जरूरी है कि मेहनतकशों की एकता मजबूत बनी रहे क्यो कि सत्ताधारी दल जिसका नेतृत्व भाजपा – आरएसएस कर रही है उसका0 पुरा प्रयास है कि सांप्रदायिक धुव्रीकरण के माध्यम से आम जनता की एकता को कमजोर किया जाए. इसलिए हमें हर कीमत पर मेहनतकशों की एकता की हिफाजत करनी होगी.