पुलिस अभिरक्षा में हत्याओं से थर्रा चुका है ब्रज

पुलिस अभिरक्षा में हत्याओं से थर्रा चुका है ब्रज
प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या के बाद चारों ओर सरगर्मी है। सियासी संग्राम छिड़ गया है। जबकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई सनसनीखेज वारदातें हुई हैं। पुलिस को जांच से रोका गया है। साजिशकर्ताओं को बचाया गया है। शूटर पकड़े भी गए हैं तो साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए हैं।
गांव के बुजुर्ग बोले को है अतीक

आगरा, प्रमुख संवाददाता। पुलिस हिरासत में हत्याकांडों से ब्रज भी दहल चुका है। मथुरा जेल से आगरा लाते समय हाइवे पर हाथरस के बदमाश राजेश टोंटा को गोलियों से भून दिया गया था। श्रीधाम एक्सप्रेस में सपा नेत्री की हत्या के आरोपी मोहित भारद्वाज की गोली मारकर हत्या करने का मामला भी सुर्खियों में रहा था। इनके अलावा भी पुलिस अभिरक्षा में हत्या की कई वारदातें हो चुकी हैं।

एक अक्तूबर 2012 को दिल्ली से आगरा आ रही श्रीधाम एक्सप्रेस में मथुरा जीआरपी क्षेत्र में हत्या की घटना हुई थी। पुलिस की वर्दी पहनकर आए शूटरों ने सपा नेत्री शम्मी कोहली के हत्यारोपी मोहित भारद्वाज को गोलियों से भून डाला था। हत्याकांड में एक सिपाही फैज मोहम्मद भी मारा गया था। पुलिस ने वारदात का खुलासा किया। सपा सरकार में पुलिस दबाव में थी। मुख्य साजिशकर्ता का नाम मुकदमे में नहीं खोला गया। निष्पक्ष विवेचना कराने पर तत्कालीन एसपी जीआरपी का स्थानांतरण हो गया था। हरेंद्र राणा, वीनेश, सोनू गौतम को आरोपित बनाया गया था। साक्ष्य के अभाव में सभी बरी हो गए। हरेंद्र राणा वर्तमान में आगरा जिला जेल में बंद है।
17 जनवरी 2015 को मथुरा जेल में बंद हाथरस के गांव बास पोहपी निवासी राजेश टोंटा को गैंगवार में गोली लगी थी। उसे उपचार के लिए रात में आगरा लाया जा रहा था। तभी एके-47 रायफल से बदमाशों ने उसको पुलिस अभिरक्षा में गोली से भून दिया था। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह छिपकर जान बचाई थी। राजेश टोंटा बृजेश मावी की हत्या के मामले में जेल में बंद था। मावी गैंग पर ही उसकी हत्या का आरोप लगाया गया था।

28 सितंबर 2014 को दीवानी हवालात पर जगदीशपुरा निवासी दिनेश चंद सोनी उनके बेटे योगेश व विशाल को जहरीला खाना खिलाया गया था। तीनों ने इलाज के दौरान एसएन मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया था। मुकदमा लिखा गया। विसरा जांच हुई। जहर की पुष्टि हुई मगर नतीजा कुछ नहीं निकला।

वर्ष 1999 में नटराज सिनेमा के पास दीवानी गेट पर पुलिस वैन के बाहर दो लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। इस वारदात में कुख्यात ओपी-लाला गैंग का नाम आया था।

श्रीधाम एक्सप्रेस में गोलियों से भूना था मोहित भारद्वाज

आगरा-मथुरा हाइवे पर राजेश टोंटा की हो गई थी हत्या

दीवानी के गेट पर दो लोगों को गोलियों से भून डाला था

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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