विजय बाल्मीकि ने काशी में पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य नाटिका एवं झांकियों के मंचन की शुरूआत की,

विजय बाल्मीकि ने काशी में पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य नाटिका एवं झांकियों के मंचन की शुरूआत की,

में विजय वाल्मिकी सन् 2003 से मैंने काशी में पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य नाटिका एवं झांकियों के मंचन की शुरूआत की, जिसमें कि काशी की उत्पत्ति कैसे हुई, शीतला माता कैसे प्रकट हुई, भगवान शिव को पाँचवां अवतार क्यों माना गया, आदि देवी-देवताओं का मंचन मैंने बनारस के विभिन्न कालभैरव मंदिरों में एवं देवालयों में, शक्तिपीठों में, गलियों में, मुहल्लों में आदि सभी धार्मिक अवसरों पर देवी लीलाओ का मंचन किया तथा धर्म की धरोहर काशी आध्यात्म का मूल केन्द्र बिन्दु काशी और नृत्य कला के स्वामी भगवान शंकर की नगरी काशी में भगवान की लीलाओं का मंचन करके अपनी जीविका उपार्जन करने के साथ-साथ धर्म का प्रचार-प्रसार किया, लेकिन अब पिछले 5-6 सालों से कुछ नये कलाकारों ने देवी-देवताओं के स्वरूप में शराब पीना सिगरेट पीना, नशीले पदार्थों का सेवन करना, अभद्र आचरण गन्दे व्यवहार करते हैं। इसके कारण झांकी कलाकार बदनाम होते जा रहे हैं।

अतः कई जगहों से ऐसा सुनने को मिलता है कि झांकी बन्द की जाये, मैं विजय वाल्मिकी माननीय मुख्यमंत्री जी योगी आदित्यनाथ जी से एवं माननीय प्रधानमंत्री जी माननीय नरेन्द्र मोदी से निवेदन करता हूँ कि झांकी को बन्द ना करने का आदेश देते हुए, झांकी कार्यक्रम को पवित्रता से एवं सात्विकता से एवं पौराणिक नियमों के अनुसार देवी लीलाओं का मंचन करने का आदेश देने की कृपा करें और ऐसे अभद्र कलाकरों को कानूनी तरीके से दंडित करने की कृपा करें।

सलमान किन्नर, किन्नर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष, गुलीश्ता एकता किन्नर ट्रस्ट संरक्षक के रूप में काशी का गौरव झांकी परिवार संस्थान वाराणसी के रूप में चुना गया है।

समय-समय पर इस संगठन के साथ सलमान जी कन्धे से कन्धा मिलाएगी और सहयोग करेगी।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks