
टीकाकरण दो माह से बंद, केंद्र से मांगी वैक्सीन
लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 1700 के पार हो गया है। दूसरी ओर टीका लगने की स्थिति यह है कि प्रदेश के सारे सरकारी टीकाकरण केंद्र पिछले दो माह से ज्यादा समय से बंद हैं। कोई वैक्सीन ही नहीं है। ऐसे में लोगों को प्रिकॉशन डोज भी नहीं लग पा रही। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी के बाद वैक्सीन दी ही नहीं है। जो दी थी, उसकी एक्सपायरी भी 10 फरवरी 2023 थी। यूपी ने केंद्र से और वैक्सीन मांगी है।
बीते कुछ दिनों में कोरोना केसों की संख्या में उछाल आया है। यूं तो कोरोना को लेकर यूपी में वृहद टीकाकरण अभियान चलाया गया। मगर अब हालात यह हैं कि वैक्सीन के अभाव में टीकाकरण बंद हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो केंद्र ने सितंबर 2022 में प्रिकॉशन डोज के लिए कुछ वैक्सीन उपलब्ध कराई थी। उसके बाद जनवरी में एक माह की एक्सपायरी वाली एक छोटी खेप और आई। प्रदेश में प्रिकॉशन डोज भी तय लक्ष्य की तुलना में एक तिहाई लोगों को भी नहीं लग पाई है। यूपी में 14 करोड़ 74 लाख लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया था। मगर अभी तक साढ़े चार करोड़ को ही यह डोज लग पाई है।
यूपी में सतर्कता डोज वाले शीर्ष पांच जिले
प्रयागराज 13,62,046
जौनपुर 12,19289
बरेली 11,13,996
कानपुर नगर 11,00,500
गोरखपुर 10,72,742
सतर्कता डोज लगाने में लोग भी नहीं ले रहे रुचि
कोरोना की प्रिकॉशन डोज को लेकर इस साल लोगों ने भी कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसका कारण टीके की इस डोज को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। केंद्र सरकार और विशेषज्ञों द्वारा वैक्सीन को बार-बार पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है। इसके बावजूद लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह के भ्रम हैं।