35 ग्राहकों का 31 लाख ले भागा बैंकमित्र गिरफ्तार, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा। । गरीबों की मेहनत की पूंजी लेकर भागा आरोपी धीरज तिवारी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बैंक में रुपये जमा करने एवं फर्जी एफडी बनाकर आरोपी ने कई ग्राहकों के रुपये हड़प कर गया था। अचानक रुपये लेकर केन्द्र बंदकर भाग गया था। इस पर कई पीड़ितों ने कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस लाइन में एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि आरोपी धीरज तिवारी पुत्र रक्षपाल सिंह निवासी नगला गिरधर थाना जसरथपुर बैंक मित्र था और भारतीय स्टेट बैंक अरूणानगर से संबंध था अवागढ़ हाउस में इसका केन्द्र था। ग्राहक इसी के सेवा केन्द्र पर रुपये जमा करने आए थे और एफडी भी बनवाते थे। सभी ग्राहकों के रुपये लेकर अचानक भाग गया। इसके खिलाफ कोतवाली नगर में कई एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
कोतवाली नगर प्रभारी डा. सुधीर राघव, टीम ने आरोपी धीरज तिवारी को रविवार को सैनिक पड़ाव अलीगंज रोड़ के पास से पकड़ा। एएसपी ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध बीते साल 19 अप्रैल 26 नवंबर, 25 दिसंबर को कोतवाली नगर पर सूचना प्राप्त हुई। अवागढ हाउस एडीवी भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी ने धोखाधड़ी कर ग्राहकों से पैसा लेकर फर्जी हस्ताक्षर कर रुपयों का गबन कर लिया गया है। बताया कि करीब 30-35 लोगों के साथ धोखाधड़ी की। ग्राहकों का करीब 31 लाख 40 हजार रुपयों का गबन किया है।
● आरोपी के विरुद्ध दर्ज थी तीन एफआईआर, भेजा है जेल
●कोर्ट के आदेश से दर्ज कराई गई थी आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट
किसी को मुआवजा, किसी की मेहनत
एटा। ठगी के शिकार हुए इनमें दो लोग ऐसे भी थे जिन्हे रेल विभाग से जमीन अधिग्रहण होने के बाद मुआवजा मिला था। एफडी बनवाने के लिए तीन से चार लाख रुपये दे दिए थे। कई ग्राहक ऐसे थे जिन्होने मेहनत कर रुपये जमा कर रहे थे। सभी का रुपया लेकर भाग गया था।