जनपद एटा में बड़ी कार्यवाही……………….
कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा दस्तावेज के आधार पर सार्वजनिक सम्पत्तियों का विक्रय करने के आरोप में कराई गई एफआईआर
रोहन लाल चतुर्वेदी के वारिसान मनोज चतुर्वेदी, नरेन्द्र उपाध्याय पर सुसंगत धाराओं में कोतवाली नगर में दर्ज हुई एफआईआर

एटा, सर्वाेदय आश्रम ट्रस्ट के सर्वराकार रोहनलाल चतुर्वेदी के नाम वर्ष 1939 में 1189.28 एकड़ भूमि थी। वर्तमान में रोहनलाल चतुर्वेदी के वारिसान मनोज चतुर्वेदी के नाम 70.595 हे0 भूमि है जिसमें से काफी भूमि का विक्रय किया जा चुका है। जिसके सम्बन्ध में जांच हेतु जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा तीन सदस्यीय गठन किया गया। सर्वोदय आश्रम ट्रस्ट की भूमि की अभिलेखीय जांच तहसील एटा से करायी गयी। जिसके क्रम में अवगत कराना है कि मौजा एटा देहात परगना एटा सकीट तहसील व जिला एटा की खतौनी फसली वर्ष 1427-1432 फ0 के श्रेणी 1क भूमि जो संक्रमणिय भूमिधर के अधिकार में खाता संख्याः 435 पर सर्वाेदय आश्रम एटा के नाम गाटा संख्याः 34/6 रकवा 1.214 हे0 व 533/2 रकवा 2.428 हे0 व 471/1अ रकवा 0.809 हे0 व 473/1 रकवा 0.405 हे0 व 329/3 रकवा 6.475 हे0 व 471/2अ रकवा 8.296 हे0 व 1423/1 रकवा 2.225 हे0 व 1429अ रकवा 2.100 हे0 कुल 08 किता रकवा 23.952 हे0 भूमि अंकित है। उक्त गाटों में से गाटा संख्याः 34/6 तथा 533/2 के सम्बन्ध में जांच रिपोर्ट न्यायालय जिलाधिकारी को प्रेषित की गयी जिसमें इन दोनों गाटों को भूदान एक्ट व नियमावली के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की संस्तुति की गयी है जिसमें जिलाधिकारी महोदय न्यायालय में वाद विचाराधीन है।
शेष गाटों में भूलेखिय स्थिति की जांच अभिलेखागार में उपलब्ध दस्तावेजों तथा तहसील में उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में की गयी जिससे इन गाटों की स्थिति स्पष्ट होती है। सभी गाटा श्रेणी 1क में सर्वाेदय आश्रम एटा के नाम वर्तमान खतौनी में बतौर संक्रमणिय भूमिधर अंकित है जबकि 1347फ0 में सभी गाटे बंजर की श्रेणी में अंकित है तथा इसके पश्चात् इन गाटों पर कोई चकबन्दी नहीं हुयी जिससे स्पष्ट है कि सन् फसली 1347 के अंकित उपरोक्त गाटा संख्या में ही स्वामित्व का फेर बदल किया गया है। प्रस्तर संख्या 1 में वर्णित आदेश की पत्रावली के अवलोकन पर दिनांक 19.02.1951 को निस्पादित एक डीड की छायाप्रति संलग्न पायी गयी। इस डीड में श्री रोहनलाल पुत्र श्री ज्वालाप्रसाद के द्वारा उक्त सारणी के सभी गाटो को डीड के माध्यम ट्रस्ट सर्वाेदय आश्रम को दे दिया गया है जिससे अवलोकन से स्पष्ट है कि प्रथम पृष्ठ में ही भूमि को बंजर मानते हुए 60 एकड़ भूमि ट्रस्ट को दी गयी।
उक्त सभी भूमि जब 1347 फसली में बंजर में अंकित थी तो श्री रोहनलाल चतुर्वेदी को किस प्रकार इस भूमि का ट्रस्ट में अन्तरण का अधिकार प्राप्त हुआ इसका उपलब्ध अभिलेखों में कोई आदेश अंकित नहीं है। यहां यह भी कथन समीचीन होगा कि इसी खाता संख्या 306 के कुछ गाटा संख्या वर्तमान में नॉन जेड0ए0 बंजर के तौर पर अंकित है। अतः इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अभिलेखों में फेर-बदल कर मनमाने ढंग से यू0पी0 जेड0ए0 एल0आर0 एक्ट लागू होने से ठीक पहले कुछ गाटा संख्याओं के स्वामित्व में कूटरचना कर छेड़-छाड़ की गयी। (जेड0ए0 तथा नॉन0 जेड0ए0 के गाटा संख्या की सारणी अवलोकनार्थ संलग्न है) जोकि प्रथम दृष्टियां बंजर खाते की भूमि थी। जबकि वर्तमान खतौनी में सर्वाेदय आश्रम संक्रमणिय भूमिधर के तौर पर दर्ज है।
इसके अतिरिक्त नॉन जेड0ए0 गाटा संख्या 1035 में रोहनलाल चतुर्वेदी के वारिस के तौर पर मनोज चतुर्वेदी द्वारा भूमि के जो मौहल्ला तिवारियान चतुर्वेदी कम्पाउण्ड, पटियाली गेट एटा में स्थित है के बैनामा किये गये। जिसमें न्यायालय द्वारा स्टॉम्प कमी की जांच तहसील को अग्रसारित की गयी। उक्त भूमि गाटा संख्याः 1035 में एटा शहर में आबादी के तौर पर दर्ज है तथा नॉन जेड0ए0 भूमि के रूप मे दर्ज है। नॉन0जेड0ए0 खतौनी के अनुसार गाटा संख्याः 1035स/49.639 खेवट नं-1 मालिकान रोहन लाल चतुर्वेदी श्रेणी 15(2) आबादी की भूमि है, जो खा.सं-37 पर दर्ज है। श्रेणी 15(2) सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, अतः इस भूमि का बैनामा विधि विरूद्ध है।
उक्त जांच के उपरान्त आख्या अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) एटा को प्रेषित की गयी, आख्या पर अपर जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी एटा को वाद दर्ज करने के निर्देश दिए गये। इस निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्यायालय एटा में कंम्प्यूटीकृत वाद संख्याः टी202318210403172 सरकार बनाम् सर्वाेदय आश्रम ट्रस्ट के सर्वराकार श्री रोहनलाल चतुर्वेदी वादह मनोज कुमार चतुर्वेदी दर्ज हुआ। वाद की सुनवाई के उपरान्त उप जिलाधिकारी एटा के आदेश दिनांकः 22.03.2023 के अन्तर्गत मौजा एटा देहात परगना एटा सकीट तहसील व जिला एटा स्थित भूमि खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 471/1अ रकवा 0.809हे0 व गाटा संख्याः 471/2अ रकवा 8.296हे0 व खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 471/1अ रकवा 0.8090हे0 व गाटा संख्याः 471/2अ रकवा 8.296हे0 व खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 473/1 रकवा 0.405हे0 व खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 329/3 रकवा 6.475हे0 व खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 1429अ रकवा 2.100हे0 व खाता संख्याः 435 गाटा संख्याः 1423/1 रकवा 2.225हे0 भूमि पर अंकित सर्वाेदय आश्रम का नाम निरस्त कर प्रश्नगत भूमि पूर्व की भॉति बंजर केे नाम दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया गया।
उक्त जांच तथा उप जिलाधिकारी न्यायालय के पारित आदेश से स्पष्ट है कि श्री मनोज चतुर्वेदी तथा उनके दिव्यंगत पिता के द्वारा कस्वा एटा में स्थित उपरोक्त भूमियों जोकि गांवसभा/बंजर की थी पर अवैध कब्जा कर कृषि कार्य कर रहे थे तथा अपने अधिकृत मंत्री श्री नरेन्द्र देव उपाध्याय पुत्र बहोरीलाल उपाध्याय निवासी सुनहरी नगर द्वारा उक्त सरकारी भूमि का बैनामा करवाया जिसमें उक्त अपराध में श्री मनोज चतुर्वेदी व नरेन्द्र देव उपाध्याय पूर्णतः दोषी है। उक्त सरकारी भूमि पर अवैध अध्यासन करने व उसकी क्रय-विक्रय करने के सम्बन्ध में श्री मनोज चतुर्वेदी व नरेन्द्र देव उपाध्याय को आई0पी0सी0 की धारा-441 का नोटिस दिनांकः 22.03.2023 व दिनांकः 25.03.2023 को दिया गया परन्तु इस नोटिस के पश्चात् तथा न्यायालय उप जिलाधिकारी एटा के आदेशोंपरान्त भी उक्त व्यक्तियों द्वारा उक्त सरकारी भूमि से अपना अवैध अध्यासन नहीं हटाया गया।
यह भी संज्ञान में आया है कि प्रश्नगत सार्वजनिक भूमियों मौजा एटा देहात परगना एटा-सकीट स्थित गाटा सं0- 471/1अ रकवा 0.809 है0 एवं 471/2अ रकवा 8.296 है0 की भूमि को पांच विक्रय पत्रों के माध्यम से क्रय-विक्रय कर दिया गया है। निष्पादित विक्रय पत्रों में विक्रेता सर्वोदय आश्रम एटा द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि/मन्त्री नरेन्द्र देव उपाध्याय पुत्र श्री बहोरी लाल उपाध्याय, नि0- निकट सुनहरी नगर गेट, शिकोहाबाद रोड, एटा, परगना एटा-सकीट, तहसील व जिला द्वारा सम्पत्ति का अंतरण किया गया है, परन्तु नरेन्द्र देव उपाध्याय पुत्र श्री बहोरीलाल उपाध्याय को ट्रस्ट का अधिकृत प्रतिनिधि/मन्त्री नियुक्त किये जाने सम्बन्धी कोई पुष्ट अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया है। विक्रय पत्रों के साथ जो तथाकथित प्राधिकार पत्र उपलब्ध है, वह स्वयं नरेन्द्र देव उपाध्याय द्वारा जारी “दिनांक- 20 मार्च, 2023 दिन रविवार को दिन के 11ः00 बजे संस्था सर्वोदय आश्रम एटा प्रबन्ध समिति की बैठक की कार्यवाही प्रबन्धकारिणी समिति“ की सत्य प्रतिलिपि है एवं इसके आधार पर अगले 10 दिवस के अन्दर ही प्रश्नगत पांच विक्रय पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक प्रयोग की भूमि का विक्रय किया गया है।
स्पष्ट है कि नरेन्द्र देव उपाध्याय पुत्र श्री बहोरी लाल उपाध्याय, नि0- निकट सुनहरी नगर गेट, शिकोहाबाद रोड, एटा, परगना एटा-सकीट, तहसील व जिला एटा द्वारा जानबूझकर साजिशन सार्वजनिक सम्पत्ति का स्वामित्व हासिल करने के उद्देश्य से उक्त कूटरचित फर्जी दस्तावेज “दिनांक- 20 मार्च, 2023 दिन रविवार को दिन के 11ः00 बजे संस्था सर्वोदय आश्रम एटा प्रबन्ध समिति की बैठक की कार्यवाही प्रबन्धकारिणी समिति“ को तैयार किया गया तथा इसी कूटरचित फर्जी दस्तावेज में अंकित तिथि के अगले 10 दिवस के अन्दर विधिविरूद्ध तरीके से सार्वजनिक सम्पत्तियों का विक्रय कर दिया गया, जो नितान्त आपत्तिजनक एवं अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है।
क्षेत्रीय लेखपाल/सचिव भूमि प्रबंधन समिति राधेश्याम द्वारा नरेन्द्र देव उपाध्याय पुत्र श्री बहोरी लाल उपाध्याय, उपरोक्त के विरूद्ध जानबूझकर साजिशन सार्वजनिक सम्पत्ति का स्वामित्व हासिल करने हेतु उक्त कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा उक्त तथाकथित दस्तावेज के आधार पर सार्वजनिक सम्पत्तियों का विक्रय करने के आरोप का संज्ञान लेते हुये सुसंगत धारा 420, 447, 465, 467, 468, 471, 120बी, 34 एवं सार्वजनकि सम्पत्ति नुकशान अधिनियम की धारा 02, 03 के तहत कोतवाली नगर थाने में अभियोग पंजीकृत कराया है।