किसानों की पीड़ा, 30 रुपये में कैसे हो गो पालन, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । जिले के गोवंशों की समीक्षा करने के लिए नोडल अधिकारी कुनाल सिल्कू ने गायों की देखरेख में सहभागिता रखने वाले किसानों से वार्ता की। किसानों ने बताया कि 900 रुपये में गाय को कैसे पाल सकते हैं। 30 रुपये में गाय का चारा तो छोड़िए पानी भी नहीं आता। किसानों ने इस योजना में कई खामियां भी बताईं।
शासन में प्रबंध निदेशक कुनाल सिल्कू बुधवार को एटा पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने पंवास गोशाला का निरीक्षण कर चा, पानी आदि व्यवस्थाओं की जानकारी की। अधिकारियों के संग ब्लॉक शीतलपुर के गांव लालगढ़ी में पहुंचे। गांव के पशु चिकित्सालय पर स्थानीय लोगों ने बात की। किसानों ने बताया कि सरकार की ओर से 900 रुपये प्रति माह दिया जाता है। 30 रुपये प्रतिदिन में गोवंश पालना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। इसके एवज में एक गाय करीब 200 रुपये का चारा खा लेती है। इस गांव में चार किसानों के पास गाय हैं। पशु पालक विजय प्रकाश और कुंवरपाल ने बताया कि सरकार गाय को लेने वालों को 200 से 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा दे। दूसरा गाय के साथ किसानों को भैंस भी दी जाए। तीसरा सरकार कुछ अनुदान भी बढ़ाए, जिससे गाय रखने के लिए किसानों में ललक पैदा हो। किसानों की ओर से आए सुझाव को दर्ज करने के बाद नोडल अधिकारी ने कहा कि गायों की अच्छी परिवरश से दूध का उत्पादन बढ़ जाता है। इनके साथ सीडीओ डॉ. अवधेश वाजपेई, पशुपालन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर श्रीकृष्ण, सीवीओ अनिल कुमार सिंह, डॉ. एसएस ठाकुर, प्रधान विवेक यादव, विजय सिंह, कुंवरपाल सिंह, प्रवीन और राहुल आदि लोग मौजूद थे। पशु पालन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 13 अस्थाई गोशालाएं है, इनमे 1536 गोवंश संरक्षित है। तीन वृहद गोसंरक्षण केंद्र है इनमें 1132, पांच कान्हा गोशालाओं में 644, चार पंजीकृत गोशालाओं में 1009, दो अपंजीकृत गोशालाओं में 656 गोवंश सहित सभी 27 गोशालाओं में कुल 4977 गोवंश संरक्षित है। सहभागिता योजना के तहत 1800 के लक्ष्य के सापेक्ष 1546 गोवंशों सुपुर्द किए गए है। पोषण मिशन योजना के तहत 11 गोवंश सुपुर्द किए गए है।