रामलला के विग्रह का निर्माण इसी माह से, रिपोर्ट योगेश मुदगल

अयोध्या। श्रीरामजन्म भूमि में निर्माणाधीन दिव्य मंदिर में विराजित होने वाले रामलला के श्रीविग्रह का निर्माण इसी अप्रैल माह में शुरू हो जाएगा। रामलला के श्रीविग्रह निर्माण के लिए शिलाओं के चयन की प्रक्रिया आठ अप्रैल को अंतिम रूप दे दिए जाने की उम्मीद है। इसी सिलसिले में शिला चयन के गठित पांच सदस्यीय प्रतिष्ठित मूर्तिकारों की बैठक आठ अप्रैल को प्रस्तावित है। रामलला के श्रीविग्रह की विशेषताएं तय कर दी गई हैं।
निर्णय के अनुसार पेंसिल स्केच बनाने की जिम्मेदारी पुणे के प्रतिष्ठित चित्र कार वासुदेव कामत को दी जा चुकी है। चित्रकार कामत भी आठ अप्रैल की बैठक में शामिल होंगे और फाइनल पेंसिल स्केच प्रस्तुत करेंगे। बताया गया कि पाषाण शिला से रामलला के श्रीविग्रह के निर्माण में छह माह का समय लग सकता है। यदि अप्रैल में निर्माण शुरू होगा तो भी अक्तूबर-नवम्बर तक पूरा हो सकेगा। श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से राम मंदिर निर्माण का लक्ष्य दिसम्बर 2023 तय किया गया है। ऐसी स्थिति में शिला चयन में अधिक विलंब से काम पूरा का दबाव आर्टिस्टों पर पड़ेगा जिसका प्रभाव उनकी कार्य कुशलता पर पड़ेगा जिसे तीर्थ क्षेत्र किसी दशा में होने नहीं देना चाहेगा।
155 देश की नदियों के जल से होगा राम मंदिर का अभिषेक
अयोध्या। अयोध्या में बन रहे श्रीराममंदिर का 155 देश की नदियों से इकट्ठा किए गए जल से अभिषेक किया जाएगा। इस संबंध में रामनगरी अयोध्या में परिक्रमा मार्ग स्थित रामकथा सत्संग भवन में एक भव्य कार्यक्रम का भी आयोजन होगा। दिल्ली की एक संस्था पिछले ढाई वर्षो से नदियों के जल को इकट्ठा करने की मुहिम में लगी है। इस कार्यक्रम की तैयारी अयोध्या में शुरू हो गई है।श्रीरामजन्मभूमि पर बन रहे मंदिर को दिव्य व भव्य रूप देने में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की निर्माण समिति कोई कसर नहीं छोड़ रही है। देश भर के बड़े वैज्ञानिकों की सलाह व मेधा का उपयोग इसके निर्माण में किया जा रहा है।