-शिक्षा सत्र या लूट सत्र-
अभिभावको की जेब पर डाका, बच्चों का भविष्य चौपट
शिक्षा सामिग्री से लेकर स्कूली कपड़ों में मोटी कमीशनखोरी का खुला खेल चालू
कमीशन का खेल माफिया पास शासन प्रशासन फेल

एटा । माह अप्रैल के शुरुआती समय से शुरू हुये शिक्षा सत्र को लेकर बच्चे अभिवावक के साथ आमजन कितना परेशान हैं इसका आंकलन करना शायद असंभव ही होगा क्योंकि शिक्षा के नाम पर मोटी फीस बसूली, कॉपी किताबों, स्कूली कपड़ों में खुली कमीशन खोरी का खेल ही मुख्य कारण हैं, जिससे निजात पाने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं, फिर भी इस बार की कमीशन खोरी किस कदर गुल खिलायेगी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता । अब देखना यह हैं कि क्या इस बार भी शिक्षा माफिया और कमीशनखोर बुकसेलर अभिवावकों की जेब काट बच्चों का भविष्य चौपट करने में कामयाब होंगे या फिर सूबे के संत सीएम और सांसद पुत्र शिक्षा मंत्री शिक्षा माफियाओं और कमीशनखोरों पर शिकंजा कसने में कामयाब होते हैं ।बरहाल अगर समय से सख्त रुख नहीं अपनाया गया तो शासन प्रशासन की ये मौन संतुती शिक्षा के लिये कितनी घातक साबित होगी इसकी गवाही स्वतः आने वाला समय ही देगा …