गोली लगने से बचने के लिए बेटी ने पिता से की थी गुत्थमगुत्था
राइफल से बचने के लिए खूब जूझी

आवास विकास कॉलोनी में हुई घटना को दौरान गोली लगने से बचने के लिए बेटी ने पिता से की थी गुत्थमगुत्था
राइफल से बचने के लिए खूब जूझी जूही, रिपोर्ट योगेश मुदगल

कासगंज। आवास विकास कॉलोनी के निवासी नरेंद्र सिंह यादव मूल रूप से मैनपुरी के गांव रूरिया के निवासी थे। मानपुर नगरिया स्थित शेरवानी इंटर कॉलेज में वर्ष 2000 में उनकी तैनाती भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में हुई थी। आवास विकास कॉलोनी में वह खुद का मकान बनाकर बेटी जूही, पत्नी शशिप्रभा के साथ रह रहे थे। बेटी जूही भी पढ़-लिखकर गांव मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के रूप में तैनात थी। जूही से छोटा बेटा अभिषेक नोएडा में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रहा है।

मैनपुरी से शाम को पहुंचे परिवारीजन

कासगंज। शिक्षक नरेंद्र व बेटी जूही की मौत की सूचना जब मैनपुरी में परिजनों को हुई तो शाम चार बजे के बाद परिजन वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। परिजन जब जिला अस्पताल पहुंचे तो उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस व शुभचिंतकों ने बेटे
अभिषेक को भी फोन पर सूचना दे दी है।

कासगंज, । आवास विकास कालोनी में शनिवार की दोपहर हुई घटना में पिता नरेंद्र के हाथ में राइफल देखने के बाद बचाव को बेटी जूही खूब जूझी।

पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि बेटी जैसे ही घर में घुसी तो उसे देखते ही पिता ने कहासुनी शुरू कर दी। धीरे-धीरे बात इतनी बढ़ गई कि शिक्षक नरेंद्र सिंह ने अपनी ही बेटी पर राइफल तान दी। अचानक पिता के हाथ में राइफल देखकर जूही घबरा गई और उसने पिता से राइफल छीनने और उसके निशाने से बचने की काफी कोशिश की। इस दौरान पिता-पुत्री में खूब गुत्थमगुत्था भी हुई। काफी प्रयास करने के बाद भी जूही अपना बचाव करने में नाकामयाब रही।

राइफल से चली गोली जूही के हाथ से रगड़ते हुए उसके सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। अपने ही हाथों से बेटी की हत्या करने के बाद शिक्षक नरेंद्र बदहवास हो गए और उन्होंने खुद को भी गोली मार ली। उनके भी सिर में गोली लगी और कुछ ही देर में उनकी भी मौत हो गई।

जिला अस्पताल में मिलने वालों की भीड़

शिक्षक नरेंद्र सिंह यादव व बेटी जूही की मौत की सूचना जैसे ही उनके शुभचिंतकों को मिली तो वह जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। डीआईओएस एसपी सिंह के अलावा उनके साथी प्रधानाचार्य व शिक्षक भी शोक संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में देरशाम तक शिक्षक व शुभचिंतक मौजूद थे।

बेटी से गुस्साए गुरुजी पर हुआ खून सवार

शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं। वह हर परिस्थिति में विद्यालय, समाज में रहकर विद्यार्थी से लेकर बड़ों तक का मार्गदर्शन करते हैं, लेकिन शहर की आवास विकास कालोनी निवासी शिक्षक नरेंद्र सिंह पर अपने ही घर की पारिवारिक स्थितियों के चलते खून सवार हो गया। आपा खो बैठे शिक्षक ने गोली चलाकर बेटी व खुद का खून बहा दिया।

शिक्षक की पत्नी की तबियत बिगड़ी, भर्ती

बेटी की हत्या और बाद में पति को खुद गोली मारकर आत्महत्या करता देख शिक्षक की पत्नी शशिप्रभा की तबीयत बिगड़ गई। कॉलोनी के लोगों ने पुलिस की मदद से उन्हें शहर के अशोक नगर सीएचसी में भर्ती कराया है। शहर में परिवार के अन्य लोग न होने की वजह से उनके शुभचिंतक ही इस मामले में मदद को आगे आए हैं।

बेटा दिल्ली में, घर में रह गई सिर्फ मां

आवास विकास कॉलोनी के घर में नरेंद्र अपनी बेटी जूही व पत्नी शशिप्रभा के साथ रहते थे। बेटा दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। शनिवार को नरेंद्र ने बेटी जूही की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बेटा अभिषेक नोएडा में है तो घर में सिर्फ उसकी मांग शशिप्रभा रह गईं हैँ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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