एटा ! जिले के अन्दर फिलहाल 52 हॉस्पीटल एवं नर्सिंग होम उ.प्र. शासन की नीति के अनुसार स्थानीय स्तर पर रजिस्टर्ड चले आ रहे है ! जिनका वित्तिय वर्ष 2023 – 24 के लिऐ नवीनीकरण होना संभावित है ! परन्तु उपरोक्त सभी रजिस्टर्ड हॉस्पीटल्स एवं नर्सिगं होम व क्लीनिकों द्वारा माह अप्रेल में ऑन लाइन नवीनीकरण प्रक्रिया अपनाने से पूर्व यदि ऑफ लाइन फायर एनओसी कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां जमा नहीं की तो उनका नवीनीकरण न होकर सीधा सीधा पंजीकरण निरस्त किया जा सकता है ! मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. उमेश कुमार त्रिपाठी द्वारा इस सन्दर्भ में जनपद के अन्दर संचालित सभी रजिस्टर्ड हॉस्पीटल्स एवं नर्सिगं होम को लिखित तौर पर नोटिस जारी करते हुऐ फायर एनओसी को हर संभव एक सप्ताह के अन्दर सीएमओ कार्यालय में आकर जमा कराने के लिऐ निर्देशित भी किया गया है ! सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उ.प्र. शासन से इस सन्दर्भ में प्राप्त निर्देशों के क्रम में यह स्पष्ट किया गया है कि फायर एनओसी की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण न करने वाले रजिस्टर्ड हॉस्पीटल्स व नर्सिगं होंम का पंजीकरण तत्काल निरस्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाऐगी ! बताया जाता है कि पूर्व में पहले मात्र फायर की एनओसी के स्थान पर फायर संयत्रों के परचेज की रसीदों एवं संस्थान परिसर में संयत्रों को लगाने भर से ही सीएमओ कार्यालयों में पंजीयन हो जाया करता था ! लेकिन लखनऊ व आगरा सहित कई बडे शहरों में चिकित्सा संस्थानों व होटलों में भीषण आग लगने से हुई जनहानि को लेकर सरकार बहुत सतर्कता बरत रही है !