
जिलाधिकारी की अनुमति की समाप्ति ,दलितों को भूमिहीन बनाने की साजिश कटारिया एडवोकेट। उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा नए टाउनशिप बनाने के लिए एससी एसटी की जमीन खरीदने के लिए जिला अधिकारी की पूर्वा अनुमति समाप्त करने जा रही है जो एक प्रकार से दलितों को भूमिहीन बनाने की साजिश है यह बात अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं एवं दलित समाज के अधिवक्ताओं की एक बैठक में कही उन्होंने आगे भी कहा कि जिला अधिकारी की पूर्व अनुमति का उद्देश्य दलितों की जमीन को आसानी से खरीदने को रोकना था ताकि उनके पास अपनी जमीन बची रहे जिसका उनके लिए बहुत ही महत्व है अनुमति की अनिवार्यता समाप्त होने से इस बात की पूरी संभावना है कि दलितों की जमीन दूसरे लोग लालच या दबाव में खरीद लेंगे और दलित बहुत तेजी से भूमिहीन हो जाएगा इससे पहले सपा सरकार ने दलितों की जमीन केवल दलितों द्वारा ही खरीदे जाने की शर्त को खत्म कर दिया था जिससे बड़ी संख्या में दलितों की जमीन बिक गई थी अब अगर वर्तमान सरकार का जिला अधिकारी की अनुमति समाप्त करने का आदेश लागू हो जाता है तो इससे बहुत बड़ी संख्या में दलितों की जमीन पर की जाएगी और वह भूमिहीन हो जाएंगे अधिवक्ता ओमप्रकाश कठेरिया ने कहा कि इस प्रस्ताव के विरोध में विपक्षी राजनीति दल आने चाहिए व अनुसूचित जाति के विधायक व सांसद को आगे दलित समाज के हित मे अवश्यके हैं कठेरिया समाज के अधिवक्ताओं की मीटिंग में ओमप्रकाश कठेरिया अनिल कठेरिया अमित कठेरिया रघुनाथ कठेरिया गोपाल वर्मा एवं अन्य वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की जिला अधिकारी की अनुमति समाप्त करने की प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा