
दो गैंगेस्टरों को पांच पांच साल का कारावास
पच्चीस पच्चीस हजार रुपया जुर्माना भी किया
जुर्माना न देने पर तीन तीन माह का होगा अतिरिक्त कारावास
एटा,अरुण कुमार उपाध्यायः वर्ष 2002 में राजा का रामपुर क्षेत्र में गैंग बनाकर अपराध करने के मामले में दो गैंगेस्टरों को अदालत ने सोमवार को दोषी घोषित किया। अदालत ने दोनों दोषियों को पांच पाच साल के कारावास व पच्चीस-पच्चीस हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई।
22 जनवरी 2002 को राजा का रामपुर क्षेत्र के कस्बा भरगैन में लाइसेंसी असलाहों को जमा कराने के लिए थाने का पुलिस बल घूम रहा था तो थानाध्यक्ष तुलसीराम शाक्यवार को कस्बा निवासी गैंगलीडर मुबारिक के नेतृत्व में चल रहे गैंग की जानकारी मिली। जो भय व आतंक का माहौल बनाकर लोगों से अवैध धन उगाही कर रहा था। जिस पर उन्होनंे गैंग लीडर मुबारिक के साथ उसके साथी आसिफ व जाकिर के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना कराई। जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद आरोपपत्र अदालत भेजा गया। जहां विशेष लोक अभियोजक अरुण कुमार माहेश्वरी व रक्षपाल सिंह शाक्य ने गवाहों के माध्यम से आरोपों को साबित कराया तथा आरोपितों का आपराधिक इतिहास प्रस्तुत किया गया। दौरान विचारण जाकिर की मौत होने पर उसके खिलाफ मामला बंद कर दिया गया। दोनों पक्षों की बहस व तथ्यों के अवलोकन के बाद विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद अधिनियम विकास गुप्ता ने दोनों आरोपितों को दोषी करार देकर पांच पांच साल के कारावास व पच्चीस-पच्चीस हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई।