
स्वतंत्र पत्रकारों को देना पड़ रहा है अग्नि परीक्षा । मनोज वर्मा (स्वतंत्र) राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल भारतीय मीडिया फाउंडेशन।
समाचार दिल्ली।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज वर्मा ने सभी पत्रकारों को एक जुट करने हेतु 10 मार्च से देश के सभी राज्यों के छोटे से लेकर नामी पत्रकारों से जुड़ने का अभियान शुरू किया है जिसमे शुरूआत में ही हमारे स्वतंत्र पत्रकार मनीष कश्यप जी के ऊपर गलत धारा लगाकर उनके ऊपर जो मुकदमा किया गया है उसे शर्मनाक बताते हुए केश को वापस लिए जाने की पैरवी करते हुए कहा कि मनीष कश्यप ने जो अपना जीवन देश के हित में कार्य करने का जो मुहिम छेड़ा है उसमे उनको कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है सच्चाई से जो पत्रकार देश हित के लिए कार्य करते है। उन्हे या तो दबाया जाता है या खरीदा जाता है जो पत्रकार बिक जाते है उन्हे मालामाल कर दिया जाता है और को पत्रकार सच्चाई से अपनी बात को दिखाते है या लिखते है उनके ऊपर केस दर्ज कर धमकाया जाता या उन्हे सजा दी जाती है ये कहां का न्याय है मनोज वर्मा ने बताया की अगर पत्रकारों को देश का चौथा स्तंभ माना जाता है तो उनको अपनी बात रखने का मौका क्यों नही दिया जाता । क्योंकि पत्रकार अपनी जान की बाजी लगाकर सच को लोगों तक पहुंचाने का काम करती है वर्मा ने कहा कि मैं बात सच्चाई की करता हु अगर सच लिखने से मेरे ऊपर भी मुकदमा दायर करना चाहे करे लेकिन बात सच्चाई की करता हूं बात बिहार की मजदूरों कि नही सभी राज्यों की है आज देश में धर्म के नाम पर एक तरफ हिन्दुस्तान को हिंदू राज्य बनाने को लेकर संघर्ष कर रहा है और दूसरी तरफ हिंदी बोलने वालों को सरेआम कत्ल किया जा रहा है ।हमारे भारत देश के राज्यों में हिंदी भाषा बोलने वालों से नफरत की निगाह से देखा जा रहा है क्यों कौन है इसके जिम्मेदार ? कई राज्यों में हिंदी बोलने पर हिंदुओ को प्रताड़ित किया जा रहा है और सरे आम कत्ल किया जा रहा है इसकी जानकारी सिर्फ खबर के माध्यम से पत्रकार ही अपनी जान की बाजी लगाकर देते है लेकिन आज पत्रकारों को क्या मिलता है कुछ भी नही । मिलता है तो सिर्फ धमकी ,मुकदमा या फिर जेल श्री वर्मा ने कहा की अभी भी वक्त है सभी पत्रकार एक जूट होकर सच्चाई का साथ दे तभी हमारा देश”” सशक्त मीडिया समृद्ध भारत “” का निर्माण करेगा ।