
एचआर मैनेजर ही चेन स्नेचर निकला
आगरा, । एक चेन स्नेचर को पकड़ने के लिए पुलिस को 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगालने पड़े। कैमरों की मदद से एक युवक को पकड़ा। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगा। खुद को एक कंपनी का एचआर बताया। पुलिस की बोलती बंद हो गई। जांच हुई तो पुलिस सही ठिकाने पर पहुंची थी। एचआर मैनेजर ही चेन स्नेचर निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। जिस टीशर्ट में उसने वारदात की थी वह उसके घर पर ही मिल गई।
डीसीपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि बाईंपुर मार्ग स्थित गणपति स्मार्ट सिटी निवासी अभिषेक ओझा को पकड़ा गया है। अभिषेक ने मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। गुरुग्राम की एक कंपनी में एचआर है। कोरोना कॉल से वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। वह घर पर ही रहता है। उसे 45000 रुपये महीना वेतन मिलता है। इतने रुपये में उसका खर्चा नहीं चलता था। उसके शौक ऊंचे हैं। ब्रांडेड कपड़े पहनता है। ऑन लाइन शॉपिंग करता है। कई युवतियों से दोस्ती है। उन्हें भी महंगे गिफ्ट देता है। जब भी उसे रुपये की जरूरत होती थी बाइक पर निकला था। अकेले ही चेन स्नेचिंग करता था। आठ नवंबर को उसने लायर्स कालोनी में चेन तोड़ी थी। आधी चेन महिला के पास रह गई थी। सात मार्च को आरोपित ने मोतीबाग, हीरा बाग निवासी नूतन सिंह की चेन तोड़ी। सूचना पर इंस्पेक्टर न्यू आगरा विजय विक्रम सिंह, एसआई हरीश शर्मा ने सीसीटीवी कैमरे खंगालना शुरू किया। एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मी सीसीटीवी कैमरे खंगालने में लगाए गए। आरोपित चेन लूट के बाद मऊ रोड पर आया। यहां से नसीराबाद कालोनी होते हुए रंगजी हाईट्स के पास निकला। अंदर ही अंदर रास्तों से भावना एस्टेट के पास पहुंचा। वहां से बाईंपुर गया। पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आरोपित के भागने का रूट मैप तैयार किया। उसके जरिए पुलिस आरोपित के घर पहुंची। पहले बाइक की पहचान की।