
होली के त्योहार की उपयोगिता जाने-श्रीमती किरन।
एटा,
एस्ट्रो व्यूटी थैरेपी के तत्वावधान में शान्ति नगर कार्यालय पर होली कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस अवसर पर सभी आयुवर्ग की सखियों ने जमकर होली खेली अर्थात एक दूसरे ने आपस में सौभाग्य रंगों से उबटन किया ।टेसू, कटेरी एवं ज्योतिष पदार्थों से घुलें पानी से जमकर नहाया गया।इस अवसर पर एस्ट्रो व्यूटी थैरेपी की निदेशक किरन ने बताया कि होली के उत्सव में नवयोवन बनने का तरीका छिपा है, जिसे हम पिछले 5 बर्षों से खोज रहे हैं। कहानियां मे होली को अग्नि देवता के वरदान को हम विशेष जानकारी के रूप में मानते हैं, जैसे आज सखी नवयोवन पाने को फेशियल करातीं हैं।हम अखिल भारतीय सांस्कृतिक होली कार्यक्रम पर परिस्थितिजन्य शोध कार्य कर रहे हैं।हम निश्चित ही कुछ समय में होली यौवनावस्था तकनीकी से परचित हो जायेंगे।
इस अबसर पर श्रीमती राममूर्ति देवी ने बताया कि देसी जडीबुटी या अपनी संस्कृति में छिपी तकनीक को खोजने में किरन पूरी निष्ठा से प्रयत्नशील है।इस अबसर पर रंजना, मंजू, सीता, पूनम, रिचा, ज्योति,सुरभि, अंजली, पल्लवी, मोना ,विधी ,नंदनी, रिया आदि सखियाँ एवं डा.रविंद्र सिंह, पंकज कुमार आदि उपस्थित रहे।