
राशन में भी बंटेगा बाजरा जैसा मोटा अनाज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गरीबों और जरूरतमंद राशन कार्ड धारकों को अब राशन में ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदों, मडुआ, काकून आदि मोटे अनाज भी मिला करेंगे। प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मोटे अनाज को भी शामिल करने का फैसला किया है। सरकारी समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा की खरीद और उसके भण्डारण के लिए खाद्य विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही मंदिरों के प्रसाद में भी मोटे अनाज को शामिल करवाने और आश्रमों में मोटे अनाज के व्यंजन का प्रचलन बढ़ाने के प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके अलावा मोटे अनाज और इससे बने उत्पादों का बाजार विकसित करने के लिए कृषि विपणन विभाग से कहा गया है कि वह प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में मोटे अनाज व उसके उत्पादों की बिक्री के लिए काउटलेट-स्टोर स्थापित करवाए। प्रदेश की विभिन्न मण्डियों में मोटे अनाज और इसके उत्पादों के विक्रय स्थल आवंटन करवाए जाएं। यह निर्देश राज्य के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, सभी मण्डलायुक्तों व डीएम को इस बारे में हाल ही में निर्देश जारी किए हैं। बताते चलें कि पूरी दुनिया इस साल (2023) अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष मना रही है। चूंकि यह आयोजन भारत की पहल पर ही हो रहा है। लिहाजा देश में इस आयोजन को सफल बनाने की जोरदार तैयारियां चल रही हैं। प्रदेश में भी इस बाबत सभी विभागों से समन्वय कर प्रभावी रणनीति बनाई गई है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देश पर तैयारियां भी इसी अनुरूप हो रही हैं। उत्तर प्रदेश मिलेटस पुनरोद्धार कार्यक्रम चला रही है। मंशा यह है कि मोटे की पोषण संबंधी खूबियों से लोग वाकिफ हों।