
नगर निगम गृह कर बकाये पर भवन/दुकान सीज की कार्यवाही असवैधानिक — हारून अंसारी
आज दिनांक उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 के धार 505 व 506 व507 नियम विरुद्ध गृहकर कार्यवाही के सन्दर्भ में अपर नगर आयुक्त वाराणसी से समाजवादी पार्टी वर्तमान पार्षदगण प्रतिनिधि मंडल हारून अंसारी निवर्तमान पार्षद/मुख्य सचेतक सपा पार्षद दल के नेतृत्व में मुलाकात कर वाराणसी के भवनों/ दुकानों को सील करने की कार्यवाही को नियम विरुद्ध तानाशाही व भवन स्वमि की मान सम्मान को छति पहुँचे जैसी कार्यवाही करार देते हुवे पांच सूत्री ज्ञापन अपर नगर आयुक को दिए,ज्ञापन देते हुवे
हारून अंसारी ने कहा
गृहकर वसूली के नाम पर वाराणसी के सम्मानित प्रतिष्ठित भवन स्वमियो के सम्मान को क्षति पहुंचाने का प्रयास निगम अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा किया ज रहा है। जिसकी समाजवादी पार्टी घोर निंदा करती है,एवम नियम विरुद्ध कार्यवाही तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग करते हैं। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 के विरुद्ध है। एवम धारा 505 व धारा 506 का खुला उलंघन है।
जब की धारा 505 व 506 के नियमानुसार किसी भी भवन को या दुकान को सीज करने का अधिकार नगर निगम को नहीं है। इसके उपरांत भी अनेकों कार्यवाही नियम विरुद्ध किए गए ,एवम सीज करने की चेतावनी निगम दोवारा दी जा रही है।
नियम विरुद्ध कार्यवाही की सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई व अन्य माध्यमों से सूचनाएं मिल रही है।
एवंम 2 हजार, 4 हजार के गृहकर बकाए की नोटिस भवन स्वामियों को भेजकर भवन स्वामियों को सामाजिक रूप से शर्मिंदगी महसूस करने का कार्य निगम द्वारा किया जा रहा है।
निगम के तानाशाही रवैया एवं नियम विरुद्ध कार्रवाई करके भवन स्वामियों के मन मे, सामाज में अपमानित होने का डर भय का माहौल बनाया जा रहा है ।
एवम नगर निगम गृहकर बकाएदारों पर विधिसंगत नियमानुसार कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
धारा 506 में यह स्पष्ट किया गया है।बिल प्रस्तुत कराने के 15 दिन के भीतर न दे दी जाए, तो नगर आयुक्त उत्तरदायी व्यक्ति निगम द्वारा विहित प्रपत्र में उक्त धनराशि के भुगतान की मांग का नोटिस तामिल करा सकते है। नगर आयुक्त द्वारा विहित प्रपत्र भवन स्वमी को भुगतान का माँग नोटिस तमिल नहीं कराया जा रहा है।
एवम धारा 507 ख के अनुसार भवन स्वमियो से संतोषनुसार उक्त धनराशि के भुगतान न किए जाने का कारण नहीं पूछा जा रहा है ।
अधिकांश भवनों में बंटवारे को लेकर आपसी मतभेद के कारण गृहकर बकया हो जता है। भवन में अनेको
शेयर होल्डर के कारण गृह कर बकाये की स्थिति उत्पन्न होती है एवं भवन के अन्य हिस्सेदार अपना मकान नंबर एवं क्षेत्रफल अलग करा कर बिल जमा करने की प्रयास करते हैं। तो विभागीय कार्रवाई में उसको लटकाए रखा जाता है। जबकि मौके पर भवन के जूजू भाग में पार्टीशन वगैरह आपसी सहमति व बटवारा कर अपने अलग हिस्से में काबिज रहते हैं।
कमल पटेल निवर्तमान पार्षद/ नेता पार्षद दल ने कहा
नगर निगम जोनल कार्यालय की स्थिति यह है कि 4 महीने 6 महीने पूर्व नामंत्रण की कार्यवाही हेतु ऑनलाइन आवेदन व रसीद काट दी गई और आज तक फाइलें धूल फांक रही हैं एवम आवेदक जोनल कार्यालय के चक्कर लगा रहे है।नामांतरण की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
प्रशांत सिंह निवर्तमान पार्षद
ने कहा कामोशियल/रेडिएशनल भवनों से विभागीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा क्षेत्रफल में छेड़छाड़ कर नगर निगम राजस्व को हानि
पहुंचाई जा रही है।
राजेश पासी निवर्तमान पार्षद ने कहा काशी वासियों भवन स्वमियो के मान सम्मान प्रतिष्ठा के संवैधानिक रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी नि0 पार्षद सड़क से उच्च सदन तक जनहित में संघर्ष को तैयार है।
वाराणसी नगर निगम प्रशासन उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 के नियमानुसार कार्यवाही की जाए जो विधिसंगत हो, एवम 10,000 से अन्दर के गृहकर बकायेदारों को नोटिस नही बिल देकर गृहकर भुगतान लिया जाए।
नगर निगम प्रशासन तानाशाही व नियम विरुद्ध कार्यवाही पर तत्काल लगाम नहीं लगाई तो
जनहित में समाजवादी पार्टी पार्षद दल संघर्ष के रास्ते पर चलने को बाध्य होंगे,
प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से पार्षदगण
कमल पटेल,प्रशांत सिंह,गोपाल यादव, राजेश पासी, दूधनाथ राजभर,सफीकुजमा अंसारी,मनोज यादव,भईया लाल यादव,अवनीश यादव विक्की,जमाल अमहद, हारुन राईन, अब्दुल कलाम कुरैशी, सैफ अली अंसारी शामिल थे,।
हारून अंसारी
निवर्तमान पार्षद/ मुख्य सचेतक सपा पार्षद दल नगर निगम वाराणसी