पांच राज्यों के उपचुनाव में बीजेपी को लगा झटका, कांग्रेस की बल्ले – बल्ले

पांच राज्यों के उपचुनाव में बीजेपी को लगा झटका, कांग्रेस की बल्ले – बल्ले

पूर्वोत्तर के त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड विधानसभा में कांग्रेस के हाथ भले ही निराशा लगी हो, लेकिन 5 राज्यों के उपचुनाव के नतीजों ने हौसले बुलंद कर दिए हैं. महाराष्ट्र की 27 साल से काबिज कस्बा पेठ सीट को बीजेपी से कांग्रेस ने छीन लिया है तो तमिलनाडु में भी जीत दर्जन करने में कामयाब रही है. पश्चिम बंगाल में कांग्रेस डेढ़ साल के बाद अपना खाता खोलने में सफल रही है. पांच राज्यों की छह सीटों पर हुए उपचुनाव में तीन राज्यों में कांग्रेस तीन सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही.

महाराष्ट्र की कस्बा पेठ, चिंचवाड़, बंगाल की सागरदिघी, झारखंड के रायगढ़, तमिलनाडु की इरोड, अरुणाचल प्रदेश की लुमला सीट पर उपचुनाव हुए हैं. इन पांच राज्यों की छह सीटों पर हुए उपचुनाव में सबसे बड़ा झटका बीजेपी को लगा है तो कांग्रेस को बड़ा फायदा मिला है.

महाराष्ट्र की कस्बा पेठ सीट पर कांग्रेस ने बीजेपी को मात देकर अपना कब्जा जमा लिया है. इस सीट पर बीजेपी 27 साल के बाद हारी है. कस्बा पेठ सीट पर बीजेपी के हेमंत रसाने और कांग्रेस के रवींद्र धंगेकर के बीच था. इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार रवींद्र धंगेकर कसबा पेठ सीट से जीत गए हैं. 1995 के बाद बार इस सीट पर बीजेपी हारी है.

इस सीट पर जीत ने कांग्रेस के साथ-साथ महाविकास अघाड़ी के हौसले बुलंद कर दिए हैं. आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह महाविकास अघाड़ी की जीत है, जिस तरह से पार्टी तोड़ी गई और उसे महाराष्ट्र की जनता ने देखा है. कांग्रेस ने यह सीट बीजेपी से छीनी है.

महाराष्ट्र की चिंचवाड़ विधानसभा सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है. चिंचवाड़ में भाजपा के पूर्व विधायक लक्ष्मण जगताप की पत्नी अश्विनी जगताप ने जीत दर्ज की है. उन्होंने एनसीपी के नाना काटे को मात दी है. बीजेपी ने भले ही अपनी एक सीट बचा ली है, लेकिन कस्बा पेठ सीट हारना उसके लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

तमिलनाडु की इरोड पूर्व सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ईवीकेएस एलंगोवन एआईएडीएमके के केएस थेन्नारास्रु को मात देकर विधायक बने हैं. इस सीट पर एलंगोवन के बेटे और कांग्रेस विधायक ई थिरुमहान एवरा के निधन की वजह से उपचुनाव हुए हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया था कि कहा कि कांग्रेस की जीत निश्चित है क्योंकि सभी को उम्मीद थी. हमारी पार्टी के लोग जीतने के लिए बहुत आश्वस्त हैं और हम एक बड़े अंतर से जीते रहे हैं. डीएमके-कांग्रेस गठबंधन था, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला है.

पश्चिम बंगाल की सागरदिघी विधानसभा सीट पर उपचुनाव टीएमसी नेता सुब्रत साहा के निधन के चलते हुआ है. यहां से टीएमसी ने देबाशीष बनर्जी, बीजेपी ने दिलीप साहा और कांग्रेस ने बायरन बिस्वास को उतारा था. कांग्रेस ने यह सीट टीएमसी से छीन ली है. कांग्रेस के बायरन बिस्वास ने टीएमसी के देबाशीष बनर्जी को करारी मात देकर विधायक बने हैं. बंगाल में कांग्रेस दो साल के बाद अपना खाता खोलने में कामयाब रही. 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी जबकि लेफ्ट के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में थी.

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर स्थित तवांग जिले की लुमला सीट पर उपचुनाव बीजेपी के विधायक जंबे ताशी के निधन की वजह से हुआ है. बीजेपी ने पूर्व विधायक जंबे ताशी की पत्नी शेरिंग हामु को मैदान में उतारा था, जिनके खिलाफ कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं थे और वह एक मात्र प्रत्याशी थीं. ऐसे में उन्होंने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है. वहीं, झारखंड की रायगढ़ विधानसभा उपचुनाव में एनडीए की तरफ से आजसू प्रत्याशी सुनीता चौधरी ने भारी मतों से जीत दर्ज की है. सुनीता चौधरी ने यूपीए प्रत्याशी बजरंग महतो को करारी मात दी है.

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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