मंडली शाकभाजी फल एवं पुष्प प्रदर्शनी का समापन समारोह का आयोजन संपन्न।

मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी वर्ष-2023 में दिनांक 26 फरवरी, 2023 को विजयी हुए प्रतिभागियों को श्री कौशल राज शर्मा, आई0ए0एस0, आयुक्त वाराणसी/अध्यक्ष, मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया। जिसमें शाकभाजी वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वरिष्ठ अधीक्षक केन्द्रीय कारागार वाराणसी, फल वर्ग में डी0आर0एम0 पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी, शाकभाजी एवं फलों से निर्मित पदार्थ वर्ग में आलोक फूड प्रोडक्ट्स राजेन्द्र बिहार कालोनी वाराणसी, सदाबहार पत्ती वाले गमलों के वर्ग में नगर आयुक्त नगर निगम वाराणसी, गमलों में जाडे़ के मौसमी फूलों के पौधे वर्ग में प्रभारी राजकीय अलंकृत उद्यान कम्पनीबाग वाराणसी, कलात्मक ढंग से मौसमी फूलों के गमलों का समूह वर्ग में कुलपति काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी, कटे मौसमी फूलों के वर्ग में आकाश पटेल मडुवाडीह वाराणसी, गुलाब के कटे फूल वर्ग में टुकटुक कुशवाहा बाग नर्सरी मण्डुवाडीह वाराणसी, शादी मण्डप/स्टेज वर्ग में एशिया नर्सरी मडुवाडीह वाराणसी, प्रदर्शनी का सर्वोत्म गुलाब, क्वीन आफ द शो, गमलों में लगी डहेलिया वर्ग में मुख्य अधिशाषी अधिकारी छावनी परिषद वाराणसी, डहेलिया के कटे फूल वर्ग में 39-जी0टी0सी0 वाराणसी, किंग आफ द शो न्यू ग्लोब नर्सरी मण्डुआडीह वाराणसी को चल बैजयंती पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त 51 श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार पाने वालो को स्मृति चिन्ह एवं 96 श्रेणियों में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में रू0 500/-, द्वितीय पुरस्कार के रूप में प्रतिभागियों को रू0 400/- एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में प्रतिभागियों को रू0 300/- की नगद धनराशि एवं शादी मण्डप की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार रू0 5000/-, द्वितीय पुरस्कार रू0 3000/- एवं तृतीय पुरस्कार रू0 2000/- प्रदान किया गया।
आयुक्त महोदय द्वारा विजेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिन्होंने पुरस्कार जीता है, उनको बधाई परन्तु जो लोग पुरस्कार नहीं जीत सके वह लोग यह न समझें कि उनका योगदान किसी से कम था। प्रतिभागियों का प्रोत्साहन करते हुए वाराणसी मण्डल के किसानों द्वारा औद्यानिक कार्यों में किये जा रहे विशेष योगदान की सराहना की। उन्होने अपने उद्बोधन में कहा औद्यानिक फसलों की अपार सम्भावनाए हैं, देश ही नहीं विदेशों में भी इनकी मांग है, नवीन फसलें जैसे ड्रैगन फ्रूट एवं स्ट्राबेरी की खेती कर इसके निर्यात से विदेशी पूंजी अर्जित की जा सकती है। भारत वर्ष में विभिन्न प्रकार के सब्जियों का, फलों का एवं पुष्प तथा औषधी पौधों का उत्पादन प्रचुर मात्रा में किया जा रहा है और इसकी उपलब्धता सामान्य जनमानस में बनी हुई है। आयुक्त महोदय ने ग्रेट ब्रिटेन (लंदन) का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पर सब्जियों की इतनी किल्लत हो गयी है कि टमाटर की राशनिंग की जा रही है। प्रदर्शनी की साज-सज्जा एवं विभिन्न प्रकार के फूलों के संग्रह एवं उसके विन्यासीकरण से प्रभावित होते हुए उन्होने कहा कि आगामी दिनों में बनारस में होने वाले जी-20 सम्मेलन में इनका प्रदर्शन कर विदेशों में इसकी मांग को बढ़ाने का सुअवसर काशीवासियों को प्राप्त हो सकता है। आने वाली सदी कृषि एवं उद्यान की अपार सम्भावनाओं से भरी है, यह वर्ष श्रीअन्न के रूप में मनाया जा रहा है जिसमें मोटे अनाज के उत्पादन को भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी वाराणसी द्वारा प्रदर्शनी के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी, मण्डलीय उप निदेशक उद्यान जय करण सिंह द्वारा समस्त प्रतिभागियों का आभार प्रकट करने के साथ-साथ मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी समिति को अंशदान देकर सहयोग करने वाले समस्त अंशदाताओं, प्रेस मीडिया एवं सहयोगी अधिकारियों/कर्मचारियों का धन्यवाद दिया गया, जिनके सहयोग से प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन सम्भव हो सका। पुरस्कार वितरण का संचालन ज्योति कुमार सिंह द्वारा किया गया।
(जय करण सिंह)
उप निदेशक उद्यान/सचिव,
मण्डलीय शाकभाजी, फल एवं पुष्प प्रदर्शनी
वाराणसी मण्डल, वाराणसी।