
जैथरा पुलिस की कारस्तानी
केस निस्तारित फिर भी गिरफ्तारी को पहुंची पुलिस
एटा । जैथरा नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के पुत्र के विरुद्ध बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज थी । पिछले साल लोक अदालत में मुकदमे का निपटारा हो गया , लेकिन बुधवार शाम पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई । बताया कि उनके पास अदालत का वारंट है । बाद में थाना प्रभारी भी पहुंचे । मुकदमा निस्तारण के सबूत दिखाए गए तब कहीं जाकर पुलिस लौटी । पूर्व चेयरमेन रतन प्रकाश गुप्ता के पुत्र मुकेश चंद्र गुप्ता के विरुद्ध 2017 में विद्युत चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । मुकेश ने बताया कि करीब चार महीने पहले पुलिस वारंट लेकर आई थी । जिसमें मैंने न्यायालय से जमानत करा ली । इसके बाद मामले को राष्ट्रीय लोक अदालत में लगवा लिया । जुर्माना राशि आदि जमा कर जैथरा नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के पुत्र के घर दी दबिश पुलिस का कहना अदालत द्वारा भेजा गया कि, वारंट 12 नवंबर 2022 को इसका निस्तारण करा दिया गया । अदालत ने आदेश में साफ लिखा कि अभियुक्त पर कोई देय बकाया नहीं है और मामला शमन भी हो चुका है । ऐसी स्थिति में अभियुक्त के विरुद्ध आपराधिक वाद की कार्रवाई को समाप्त किया जाता है । इसके बाद हम लोग शांति से बैठ गए , लेकिन बुधवार शाम करीब 6:30 बजे एक उपनिरीक्षक और चार – पांच सिपाही उनके घर पर आए वारंट दिखाते हुए कहा, कि थाने चलो । उस समय मुझ पर चश्मा नहीं था । वारंट को लेकर अंदर पढ़ने गया तो देखा कि इसकी तारीखों पर ओवरराइटिंग हो रही थी । लग रहा था कि पुराने वारंट पर तिथि बदली गई है । इसी बीच वहां थाना प्रभारी भी पहुंच गए और अंदर घर में आ गए । उनसे ओवरराइटिंग को लेकर संदेह जताया । वहीं मुकदमा निस्तारण के सबूत दिखाए । इसके बाद पुलिस लौट गई । थाना प्रभारी रामेन्द्र शुक्ला ने बताया कि विद्युत चोरी के मामले का निस्तारण हो चुका है । किसी तरह अदालत से वारंट आया था , जिसके पालन के लिए फोर्स गया था । ओवरराइटिंग की बात गलत है ।
अदालत से वारंट आने पर पुलिस अभियुक्त की तलाश में जाती है । यदि वारंट के संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी ।
उदय शंकर सिंह , एसएसपी