
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की स्थापना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक जंग*
*सशक्त मीडिया भ्रष्टाचार मुक्त भारत एवं सशक्त मीडिया समृद्ध भारत के नव निर्माण एवं पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ताओं के अभिव्यक्ति की दूसरी आजादी की प्रथम महाक्रांति का महासंकल्प*–
एके बिंदुसार संस्थापक
भारतीय मीडिया फाउंडेशन।
भ्रष्टाचार एक ऐसा जहर है जो देश, संप्रदाय, समाज और परिवार के कुछ लोगों के दिमाग में बैठ गया है।
इसमें केवल छोटी सी इच्छा और अनुचित लाभ के लिए सामान्य जन के संसाधनों की बर्बादी की जाती है किसी के द्वारा अपनी ताकत और पद का गलत इस्तेमाल करना आदि फिर चाहे वो सरकारी या गैर-सरकारी संस्था क्यों न हो।
भारतीय समाज एवं व्यक्तियों में नैतिक मूल्यों का पतन होने के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
आज व्यक्ति किसी भी अनुचित तरीके को अपनाकर अपना काम निकालना चाहता है समाज में बढ़ती उपभोक्तावादी संस्कृति एवं भौतिकवाद भ्रष्टाचार का एक महत्त्वपूर्ण कारण है।
1-सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र में
राजनैतिक भ्रष्टाचार
2-पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार
3-न्यायिक भ्रष्टाचार
4-शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार
5-श्रमिक संघों का भ्रष्टाचार
6-धर्म में भ्रष्टाचार
7-दर्शन में भ्रष्टाचार
8-कुछ लोगों में सम्मान अथवा पद की आकांक्षा होती है तो कुछ में धन की लोलुपता ।
ऐसे व्यक्ति असंतोष और । लोलुपता के कारण ही वे न्याय-अन्याय में अंतर नहीं कर पाते हैं तथा भ्रष्टाचार की ओर उन्मुख हो जाते हैं । भाषावाद, क्षेत्रीयता, सांप्रदायिकता, जातीयता आदि भी भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित करते हैं।
हर साल 9 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है. यह दिवस 31 अक्टूबर 2003 को भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के पारित होने के बाद से मनाया जाता है।
भ्रष्टाचार हमारे सर्वोत्तम हित में काम करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में हमारे भरोसे को खत्म कर देता है। यह हमारे उन करों या दरों को भी बर्बाद करता है जो महत्वपूर्ण सामुदायिक परियोजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं – जिसका अर्थ है कि हमें खराब गुणवत्ता वाली सेवाओं या बुनियादी ढांचे के साथ काम करना होगा, या हम पूरी तरह से चूक जाएंगे।
समाज में विभिन्न स्तरों पर फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कठोर दंड-व्यवस्था की जानी चाहिए। आज भ्रष्टाचार की स्थिति यह है कि व्यक्ति रिश्वत के मामले में पकड़ा जाता है और रिश्वत देकर ही छूट जाता है।
भ्रष्टाचार का हमारे समाज और राष्ट्र में व्यापक रूप से असर हो रहा है । संपूर्ण व्यवस्था में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई हैं ।
परिणामत: समाज में भय, आक्रोश व चिंता का वातावरण बन रहा है राजनैतिक, धार्मिक, आर्थिक व प्रशासनिक आदि सभी क्षेत्र इसके दुष्प्रभाव से ग्रसित हैं ।
अत: भ्रष्टाचार के समाधान पर काम करते वक्त एक और पहलू पर काम करने की ज़रूरत है।
यह पहलू है शिक्षा का पहलू देश को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो खुद भी भ्रष्ट न हों, हर काल, परिस्थिति में अपने समाज व देश के प्रति निष्ठावान रहें तथा भ्रष्टाचार का जो वातावरण चारों तरफ बन गया है उसे ठीक करने में सहभागी हों।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन की स्थापना मीडिया कर्मियों के कर्तव्यों का बोध कराते हुए पत्रकारिता धर्म के सिद्धांतों का पालन करने के महासंकल्प के साथ हुआ है।