पूर्वांचल के बाहुबलियों की पुरानी अदावत से उड़ी जेल प्रशासन की नींद, रिपोर्ट योगेश मुदगल

कासगंज। । पूर्वांचल के दो बाहुबलियों की पुरानी अदावत से कासगंज जेल प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। जिला जेल में बंद मुख्तार के बेटे व विधायक अब्बास अंसारी के भाई उमस अंसारी के द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखे पत्र के बाद प्रशासन और भी चौकन्ना हो गया है। अब्बास को कासगंज जेल में शिफ्ट करने से पूर्व यह पत्र मुख्य सचिव को भेजा गया था।
जिला कारागार में इस समय पूर्वांचल के तीन माफिया व बाहुबली इस समय बंद हैं। आजमगढ़ के ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह, बनारस के श्रीप्रकाश मिश्र उर्फ झुन्ना पंडित व तीसरे विधायक अब्बास अंसारी भी जिला कारागार में हाईसिक्योरिटी बैरक में रह रहे हैं। उमस ने प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में कुंटू सिंह को ब्रजेश सिंह व धनंजय सिंह का शूटर बताते हुए उसकी हत्या की आशंका व्यक्त की है। अब्बास को किसी सुरक्षित जेल या फिर केंद्रीय कारागार में शिफ्ट करने की बात कही है।
जिला जेल के अधिकारियों के अनुसार कुंटू सिंह व अब्बास को अलग-अलग बैरक में रखा गया है। इनको किसी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। हाईसिक्योरिटी बैरक के अंदर व बाहर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। महानिदेशक कारागार ने अब्बास की सुरक्षा में मंडल की अन्य जेलों के बंदी रक्षकों की तैनाती के आदेश भी दिए हैं। जिससे उसकी सुरक्षा में किसी तरह की कोताही सामने न आए।
जिला कारागार में विधायक अब्बास अंसारी को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। हाईसिक्योरिटी बैरक में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी है। अब्बास अंसारी व कुंटू सिंह की बैरक अलग-अलग हैं। उनके किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है। जेल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही है। उसे और कड़ा किया गया है।
-विजय विक्रम सिंह, जेल अधीक्षक कासगंज