ब्रेकिंग न्यूज़ :-

जनपद एटा की ऐतिहासिक धरोहर की इमारत राजकीय इंटर कॉलेज जो आज हो चुकी है जर्जर ॥
राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना 1914 में ब्रिटिश सरकार में हुई थी ॥
इस विद्यालय से शहर ही नहीं इस ज़िले और आस पास के क्षेत्र की 6-7 पीढ़ियाँ पढ़कर निकल चुकी हैं॥
राजकीय विद्यालय एटा ,(जीआईसी)विद्यालय के सेंट्रल हॉल और पुराने मुख्य भवन से न जाने कितने विद्यार्थियों की यादें जुड़ी हुई है
शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की बेरुख़ी से जर्जर हो चुकी इस ऐतिहासिक इमारत से जुड़ी इस शहर के वाशिंदों की तमाम यादें आज भी उनके ज़ेहन में ताज़ा हैं।
आज जब अपने ज़िले की शिक्षा की धरोहर रहे इस संस्थान के ब्रिटिश सरकार मुख्य इमारत की दुर्दशा देखते हैं तो मन व्याकुल हो जाता है।
शिक्षा के इस मन्दिर से इस सदी के सबसे महान गीतकार गोपाल दास ‘नीरज’ जैसी विभूतियों ने शिक्षा ग्रहण की न जाने कितने विद्यार्थी आई.ए.एस.और आई.पी.एस.बन गये ॥
इस भवन की बदहाली पर किसी का ध्यान नहीं गया।
राजकीय इंटर कॉलेज (जी.आई.सी.)एटा के वर्तमान प्रधानाचार्य क्षेत्रपाल सिंह अपने तन-मन धन से इस राजकीय विद्यालय को बचाने के लिए तैयार है॥
कुछ अराजक तथ्यों के वजह से राजकीय विद्यालय की चोखट खिड़की इटें जो निकली गई थी वो सब सम्भाल कर रख दिये गये॥
सभी पूर्व विद्यार्थी और अपने ज़िले की इस धरोहर को बचाने के लिए लोग संगठित और सामूहिक प्रयास कर रहे हैं।
जिला प्रशासन एवं राज सरकार एटा में इस ऐतिहासिक इमारत जो कि आज राजकीय इंटर कॉलेज जीआईसी के नाम से हम जानते हैं उस पर ध्यान दें ॥