महाकुंभ 2025 को दिव्य एवं भव्य बनाने तथा प्रयागराज को विभिन्न स्थानों से जोड़ने वाली सड़कों के विकास के दृष्टिगत प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

रायबरेली से प्रयागराज की सड़क का विकास दो चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में चार जगहों (जगतपुर, बाबूगंज, ऊचाहार, अलापुर ) पर ग्रीन फील्ड बाईपास सृजित किया जा रहा है। प्रथम चरण के सभी कार्य नवम्बर, 2024 तक पूर्ण किये जाने की सम्भावना है।
द्वितीय चरण में 8.5 कि०मी० के दो लेन को फोर लेन में उच्चीकृत किया जा रहा है। 15 अप्रैल, 2023 तक कार्य एवार्ड कर दिया जाएगा तथा दिसम्बर, 2024 तक पूर्ण होने की सम्भवना है।
लखनऊ एवं कानपुर, दोनों ही रूट पर चौड़ीकरण एवं फोरलेन का कार्य पूर्ण हो जाने के पश्चात 200 किलोमीटर की दूरी लगभग 2.5 से 3 घंटे में पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
प्रयागराज में बनाए जा रहे 6 लेन बृज संबंधित कार्यों पर चर्चा करते हुए स्टैंडली रोड पर ब्रिज की लैंडिंग को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनपद की ट्रैफिक संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से संपर्क किया जा रहा है।
प्रस्तावित रिंग रोड का कुल 65 किमी0 के एलाइनमेन्ट का अनुमोदन किया गया है तथा इसे दो चरणों में बनाने का निर्णय लिया गया है।
प्रयागराज (राम आसरे)। महाकुंभ 2025 को दिव्य एवं भव्य बनाने तथा प्रयागराज को विभिन्न स्थानों से जोड़ने वाली सड़कों के विकास के दृष्टिगत प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, नरेंद्र भूषण की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक संपन्न हुई जिसमें प्रयागराज को लखनऊ, कानपुर एवं वाराणसी से जोड़ने हेतु आवश्यक चर्चा की गई।
सर्वप्रथम प्रयागराज – रायबरेली- लखनऊ मार्ग को फोर लेन करने के दृष्टिगत बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग दो सेक्शन में विभक्त है, जिसमें लखनऊ से रायबरेली (70 कि०मी०) तथा रायबरेली से प्रयागराज ( 106 कि0मी0) शामिल है। उन्होंने अवगत कराया कि लखनऊ से रायबरेली तक 4 लेन का कार्य बिल्ड-ऑपरेट- ट्रांसफर (बी ओ टी) आधार पर पूर्ण हो चुका है और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के स्तर पर है।
रायबरेली से प्रयागराज (106 कि0मी0) की सड़क के विकास के दृष्टिगत उन्होंने बताया कि इसे दो चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में चार जगहों (जगतपुर, बाबूगंज, ऊचाहार, अलापुर ) पर ग्रीन फील्ड बाईपास सृजित किया जा रहा है। सई नदी पर एक पुल का भी निर्माण किया जा रहा है। प्रथम चरण के सभी कार्य नवम्बर, 2024 तक पूर्ण किये जाने की सम्भावना है।
द्वितीय चरण में 8.5 कि०मी० के दो लेन को फोर लेन में उच्चीकृत किया जा रहा है। इस कार्य हेतु निविदा 19 जनवरी को प्राप्त हो चुकी है, जो मूल्यांकन के स्तर पर है। कार्य 31 मार्च, 2023 तक एवार्ड हो जाएगा तथा मार्च, 2024 तक पूर्ण होने की सम्भवना है। शेष 63 कि०मी० हेतु निविदा आमन्त्रित की गयी है, जो मार्च, 2023 तक प्राप्त कर ली जाएगी। 15 अप्रैल, 2023 तक कार्य एवार्ड कर दिया जाएगा तथा दिसम्बर, 2024 तक पूर्ण होने की सम्भवना है।
इसी क्रम में मंडलायुक्त ने प्रयागराज से कानपुर रूट पर फतेहपुर से कानपुर तक किए जा रहे फोरलेन रोड के निर्माण की प्रगति धीमी होने की बात कही गई जिस पर संबंधित अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि इसे अति शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। लखनऊ एवं कानपुर, दोनों ही रूट पर चौड़ीकरण एवं फोरलेन का कार्य पूर्ण हो जाने के पश्चात 200 किलोमीटर की दूरी लगभग 2.5 से 3 घंटे में पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
प्रयागराज में बनाए जा रहे 6 लेन बृज संबंधित कार्यों पर चर्चा करते हुए मंडलायुक्त ने प्रमुख सचिव को अवगत कराया कि स्टैंडली रोड पर ब्रिज की लैंडिंग को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जनपद की ट्रैफिक संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से संपर्क किया जा रहा है।
प्रयागराज में प्रस्तावित रिंग रोड के बारे में चर्चा करते हुए यह अवगत कराया गया की कुल 65 किमी0 के एलाइनमेन्ट का अनुमोदन किया गया है तथा इसे दो चरणों में बनाने का भी निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में सहसों से दोंदूपुर तक कुल 29.5 किमी0 का निर्माण किया जाना है, जिसका डी.पी.आर. कार्य प्रगति पर है।
इस परियोजना के प्रथम चरण को निम्नवत् तीन पैकेज में विभक्त किया गया है। पैकेज-1 के अंतर्गत ग्राम दादूपुर (रीवा रोड) से ग्राम महुआरी (मिर्जापुर रोड ) लम्बाई 7.6 किमी० का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। पैकेज -2 के अंतर्गत ग्राम महुआरी (मिर्जापुर रोड) से ग्राम नवाबा उर्फ नीबीकला उपरहार लम्बाई 7.6 किमी० का
निर्माण किया जाना प्रस्तावित है तथा पैकेज -3 के अंतर्गत ग्राम नवाबा उर्फ नीबीकला उपरहार से ग्राम खुदायपुर कसगांव (एन0एच0-16 ) लम्बाई 14.763 किमी0 का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।