चेकिंग के बाद भी नहीं लग पा रही है चोरी पर लगाम, 22 शहरों में एटा टॉप पर
जनपद में हर माह 1.98 करोड़ की बिजली चोरी, रिपोर्ट योगेश मुदगल
बिजली चोरी होने पर की जा रही कटौती

एटा,बिजली चोरी होने के कारण नुकसान का औसत पूरा करने के लिए प्रतिदिन शहर में दो से तीन घंटे टुकड़ों में बिजली कटौती की जा रही है। इस कारण उन उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो लोग बिजली चोरी न करने के साथ समय पर बिल जमा कर रहे हैं। शहर में बिजली कटौती सुबह चार से सात बजे तक चेकिंग अभियान के दौरान की जा रही है।
एटा, । विद्युत वितरण निगम अधिकारी शहर में बिजली चोरी पर लगाम लगाने को लेकर अभियान चला रहे हैं। बावजूद इसके शहर में प्रति माह डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की बिजली चोरी हो रही है। बिजली अधिकारियों के अनुसार डीडीवीएनएल के तहत आने वाले 22 शहरों में से बिजली चोरी में एटा पहले स्थान पर है।
रविवार को विद्युत वितरण नगरीय एक्सईएन गुरुचरन लाल भटनागर ने बताया कि शहर के 34 हजार उपभोक्ताओं को देने के लिए विद्युत वितरण निगम हर महीने औसतन 11 मिलियन यूनिट बिजली खरीदता है। इसमें से 30 फीसदी यानी 33 लाख यूनिट तक हर महीने बिजली चोरी हो रही है।
उन्होंने बताया कि छह रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से शहर में हर महीने एक करोड़ 98 लाख रुपये तक की बिजली चोरी हो रही है। डीवीवीएनएल आगरा के तहत आने वाले 22 शहरों में एटा शहर बिजली चोरी के मामले में पहले स्थान पर बना हुआ है। इस समस्या को देखते हुए शहर में प्रतिदिन बिजली चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिजली चोरी करते पकड़े जाने वाले लोगों को खिलाफ धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
एक्सईएन ने बताया कि तीनों पहर बिजली चेकिंग अभियान चलाए जाने पर प्रतिदिन पांच से दस लोग चोरी करते रंगेहाथों पकड़े जा रहे है। इसके चलते अब तक पांच फीसदी तक ही बिजली चोरी पर लगाम लगाई जा सकी है।
हाईलॉस वाले क्षेत्रों में अपग्रेड की जाएंगी लाइनें
विद्युत वितरण नगरीय एक्सईएन ने बताया कि शहर के जो भी फीडर हाईलॉस में है। उन क्षेत्र के सभी गली मोहल्लों में खुली बिजली लाइनों के स्थान पर प्लास्टिक चढ़ी हुई बिजली की लाइनें डाली जाएंगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के मीटर से पोल तक आरमर्ड केबल लगाई जाएगी। इसके साथ ही पोल पर लगे बाक्स भी पेक किए जाएंगे। यह सभी कार्य रिवेंप योजना के तहत किया जाएगा।